
पूर्व बर्दवान : मंगलवार को बर्दवान नगर पालिका ने एक बड़ी और कड़ी कार्रवाई करते हुए परबीरहाटा इलाके में बनी तीन मंजिला अवैध इमारत को जमींदोज कर दिया। यह इमारत न केवल सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनाई गई थी, बल्कि यहां पहले स्वामी विवेकानंद की मूर्ति स्थापित थी, जिसे हटाकर रातों-रात व्यावसायिक निर्माण खड़ा कर दिया गया था।
बिरयानी की दुकान और क्लब चला रहे थे
स्थानीय लोगों ने बताया कि बर्दवान-तेलीपुकुर रोड पर नेताजी संघ का एक मंजिला क्लबघर मौजूद था। आरोप है कि क्लब के ही कुछ लोगों ने मूर्ति को हटाकर बिना अनुमति तीन मंजिला विशाल इमारत बना ली। इस इमारत की पहली और दूसरी मंजिल पर बिरयानी की दुकानें चलाई जा रही थीं, जबकि तीसरी मंजिल पर क्लब संचालित हो रहा था।

नगरपालिका ने दिखाई सख्ती
नगरपालिका के चेयरमैन परेश सरकार ने घटना पर कड़ा रोष जताते हुए कहा कि यह बेहद आपत्तिजनक है कि स्वामी विवेकानंद जैसी महान विभूति की मूर्ति को हटाकर अवैध तरीके से व्यवसायिक इमारत खड़ी कर दी गई। उन्होंने कहा, “हमने इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त न करने और तुरंत कार्रवाई करने का निर्णय लिया।”
बार-बार नोटिस, फिर कोर्ट की समय-सीमा
नगरपालिका के कानून अधिकारी तन्मय ता ने बताया कि इमारत के खिलाफ कई बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन क्लब ने इसे नजरअंदाज कर दिया। इसके बाद क्लब के लोग मामला लेकर हाई कोर्ट गए। हालांकि कोर्ट ने भी क्लब को कोई राहत नहीं दी और नगरपालिका को तय समय-सीमा के भीतर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। जैसे ही समय-सीमा पूरी हुई, नगर पालिका ने बुलडोजर चलाकर पूरी इमारत को गिरा दिया।

स्थानीय लोग बने गवाह
इस कार्रवाई को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुटे। नगरपालिका की इस सख्त कार्रवाई ने इलाके में अवैध निर्माणकर्ताओं के खिलाफ साफ संदेश दे दिया है कि कानून से खिलवाड़ किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
स्थानीय नागरिकों ने इस कदम का स्वागत किया और कहा कि इससे न केवल अवैध निर्माण पर रोक लगेगी बल्कि शहर में कानून और व्यवस्था का भी सशक्त संदेश जाएगा।














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