
रानीगंज : मंगलवार को राज्य के श्रम मंत्री मलय घटक की मौजूदगी में कोलकाता नव महाकरण में एक अहम त्रिपक्षीय बैठक संपन्न हुई। बैठक में श्रम विभाग के अधिकारियों, विभिन्न श्रमिक संगठनों और स्पंज आयरन, फेरो अलॉय तथा रोलिंग मिल उद्योगों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। लंबे विचार-विमर्श के बाद बोनस भुगतान को लेकर समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
10 सितंबर तक बोनस का भुगतान अनिवार्य
समझौते के अनुसार सभी श्रमिकों को आगामी 10 सितंबर, 2025 तक बोनस का भुगतान कर दिया जाएगा। इस निर्णय से पश्चिम बर्दवान, पूर्व बर्दवान, बांकुड़ा, पुरुलिया, पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम और बीरभूम जिलों की लगभग 150 से अधिक फैक्ट्रियों में काम कर रहे करीब 2 लाख श्रमिकों को सीधा लाभ मिलेगा।

बोनस दर में हुई बढ़ोतरी
तृणमूल कांग्रेस श्रमिक संगठन (INTTUC) की पहल पर इस वर्ष बोनस दर में 0.70 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। पिछले वित्त वर्ष में श्रमिकों को उनके मूल वेतन पर 16.5% की दर से बोनस मिला था, जबकि इस बार यह दर बढ़कर 17.2% हो गई है। इससे श्रमिकों को अतिरिक्त वित्तीय लाभ मिलेगा।
एक्स-ग्रेशिया राशि में भी बढ़ोतरी
सिर्फ बोनस ही नहीं, बल्कि एक्स-ग्रेशिया राशि में भी सुधार किया गया है। पिछले साल जिन श्रमिकों को ₹900 एक्स-ग्रेशिया मिला था, उन्हें इस बार ₹1100 तक मिलेगा। यानी इस वर्ष ₹200 की अतिरिक्त राशि जोड़ दी गई है। इससे त्योहारों से पहले श्रमिकों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई है।

श्रमिकों ने जताई संतुष्टि
समझौते की घोषणा होते ही श्रमिक संगठनों और फैक्ट्री कर्मियों में उत्साह देखा गया। श्रमिक नेताओं ने कहा कि यह समझौता त्योहारों से पहले एक बड़ी राहत है, जिससे परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
सरकार और संगठनों का सामूहिक प्रयास
श्रम मंत्री मलय घटक ने कहा कि श्रमिकों की भलाई के लिए सरकार हमेशा प्रतिबद्ध है। यह समझौता सरकार, श्रमिक संगठनों और उद्योग प्रतिनिधियों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। इस निर्णय ने न केवल श्रमिकों को राहत दी है, बल्कि उद्योग-श्रमिक संबंधों को भी और मजबूत किया है।














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