आसनसोल : वेस्ट बंगाल मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव एसोसिएशन की ओर से बुधवार को आसनसोल में जिला अधिकारी कार्यालय में चार सूत्री मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान संगठन के पश्चिम बर्दवान जिला सचिव सुदीप बनर्जी ने कहा कि यह ज्ञापन जिला अधिकारी के माध्यम से केंद्र सरकार के श्रम कार्यालय को भेजा गया है।
उन्होंने कहा कि संगठन की प्रमुख माँग है कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए श्रम कोड को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए, क्योंकि यह श्रमिक हितों के प्रतिकूल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव के कार्य अभी तक विधिवत रूप से सुनिश्चित नहीं हैं, जबकि यह क्षेत्र प्रत्यक्ष रूप से स्वास्थ्य सेवाओं और दवा वितरण से जुड़ा हुआ है। इसलिए संगठन की मांग है कि उनके कार्यों को सुनिश्चित कर स्पष्ट परिभाषा दी जाए।
सचिव ने आगे कहा कि देश के कई राज्यों में केंद्रीय सरकारी अस्पतालों में मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है। जबकि उनकी भूमिका डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन तक आवश्यक दवाओं की जानकारी पहुँचाने में महत्वपूर्ण है। इस स्थिति में संगठन ने मांग रखी है कि केंद्रीय सरकारी अस्पतालों में उन्हें प्रवेश अधिकार दिया जाए, ताकि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन सही तरीके से कर सकें।
उन्होंने कहा कि फिलहाल पश्चिम बंगाल में ऐसी कोई बाधा नहीं है, परंतु अन्य राज्यों में लगातार इस प्रकार की शिकायतें आ रही हैं। यदि इस समस्या का समाधान केंद्र स्तर पर नहीं किया गया तो भविष्य में इससे कार्यप्रणाली पर नकारात्मक असर पड़ेगा और दवा आपूर्ति व्यवस्था बाधित हो सकती है।
मौके पर संगठन के दर्जनों सदस्य उपस्थित रहे और उन्होंने एक स्वर में कहा कि यदि उनकी चार सूत्री माँगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने पर विवश होंगे। संगठन का कहना है कि उनकी मांगें न केवल मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य हितों से भी जुड़ी हुई हैं।
जिला अधिकारी कार्यालय ने ज्ञापन प्राप्त कर आश्वासन दिया कि इसे शीघ्र ही श्रम कार्यालय तक भेजा जाएगा। वहीं संगठन ने स्पष्ट किया कि वे अपनी मांगों को लेकर लगातार चरणबद्ध तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे।

















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