
दुर्गापुर : मंगलवार को पश्चिम बर्दवान जिले के दुर्गापुर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने मालदा की घटना के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। हाल ही में मालदा जिले के चंचल में तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसीपी) के कार्यकर्ताओं ने भाजपा के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की तस्वीरें जलाने का प्रयास किया। लेकिन इस दौरान अनजाने में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की तस्वीरें भी आग के हवाले कर दी गईं। इस घटना का वीडियो वायरल होते ही पूरे बंगाल में राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया।
मंगलवार सुबह भाजपा कार्यकर्ताओं ने पानागढ़ह के कंकसा इलाके में विरोध मार्च निकाला। जुलूस कंकसा रथला से कंकसा नंबर दो कॉलोनी तक निकाला गया। हाथों में रवींद्रनाथ टैगोर की तस्वीर लिए भाजपा कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और कहा कि बंगाल की आत्मा और गौरव से जुड़ी हस्ती का इस तरह अपमान किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं है।

प्रदर्शन का नेतृत्व पूर्वी बर्दवान जिला भाजपा के उपाध्यक्ष रमन शर्मा ने किया। उन्होंने कहा, “यह केवल एक राजनीतिक गलती नहीं है बल्कि बंगाल की संस्कृति और अस्मिता पर हमला है। भाजपा किसी भी कीमत पर इस अपमान को बर्दाश्त नहीं करेगी। जनता को यह साफ दिख गया है कि तृणमूल किस हद तक जाकर राजनीतिक द्वेष में काम कर रही है।”
वहीं, घटना पर सफाई देते हुए तृणमूल छात्र परिषद के मालदा जिला अध्यक्ष प्रसून रॉय ने स्वीकार किया कि यह घटना एक गंभीर गलती थी। उन्होंने कहा, “हमारे कार्यकर्ताओं का उद्देश्य टैगोर की तस्वीर जलाना नहीं था। जिन्होंने यह कृत्य किया है, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।”

स्थानीय लोगों का कहना है कि टैगोर की तस्वीर को जलाना बंगाल की सांस्कृतिक धरोहर और भावनाओं पर गहरी चोट है। इससे राजनीतिक माहौल और अधिक गरमा गया है। भाजपा नेताओं का दावा है कि आने वाले दिनों में वे राज्य के अलग-अलग हिस्सों में विरोध मार्च और सभाएं करेंगे, ताकि जनता तक तृणमूल के असली चेहरे को उजागर किया जा सके।














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