
आसनसोल : सालानपुर थाना क्षेत्र के लहाट जंगल इलाके में मंगलवार को अचानक अफरातफरी मच गई, जब ग्रामीणों ने कचरे के ढेर में पेड़ के नीचे सैकड़ों वोटर कार्ड पड़े देखे। यह खबर कुछ ही देर में पूरे इलाके में जंगल की आग की तरह फैल गई और देखते ही देखते घटनास्थल पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने तुरंत शोर मचाकर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद सालानपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और सभी वोटर कार्ड अपने कब्जे में ले लिए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इन वोटर कार्डों को देखकर साफ लगता है कि या तो ये फर्जी हैं या किसी गहरी साजिश के तहत यहां फेंके गए हैं। ग्रामीणों ने संदेह जताया कि संभव है, इन कार्डों का इस्तेमाल चुनावी धांधली या किसी संगठित गिरोह द्वारा अवैध कामों में किया जाना था।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि इन सभी कार्डों पर आसनसोल के चित्तरंजन क्षेत्र का पता अंकित है। यह तथ्य सामने आने के बाद लोगों का आक्रोश और बढ़ गया। उनका कहना है कि अगर यह कार्ड सही हैं, तो आखिर इन्हें जंगल में क्यों फेंका गया? और यदि ये नकली हैं, तो इतनी बड़ी संख्या में किसने और किस उद्देश्य से इन्हें तैयार करवाया?
ग्रामीणों ने मौके पर ही कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि यह कोई साधारण घटना नहीं है, बल्कि किसी बड़े चुनावी घोटाले की ओर इशारा कर रही है। उन्होंने मांग की कि इसकी निष्पक्ष जांच उच्च स्तरीय एजेंसी से कराई जाए और दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा दी जाए।
मौके पर पहुंचे सालानपुर थाना प्रभारी ने लोगों को शांत करने का प्रयास करते हुए भरोसा दिलाया कि पुलिस इस मामले की गहराई से जांच करेगी। उन्होंने कहा कि यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि ये कार्ड असली हैं या फर्जी, इन्हें किसने यहां फेंका और इसके पीछे का मकसद क्या था। पुलिस अधिकारियों ने यह भी कहा कि अगर मामले में कोई चुनावी धांधली या संगठित गिरोह की संलिप्तता पाई जाती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक हलकों में भी इस घटना ने हलचल पैदा कर दी है। विपक्षी दलों ने इसे सत्ताधारी दल की कथित साजिश करार देते हुए चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब वोटर कार्ड जैसी संवेदनशील चीज़ें जंगल में कचरे की तरह पड़ी मिलेंगी, तो आम जनता का लोकतंत्र से विश्वास उठना स्वाभाविक है। वहीं, सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इसे विपक्ष की सस्ती राजनीति बताया और कहा कि जांच से सच सबके सामने आ जाएगा।

स्थानीय निवासियों ने यह भी आशंका जताई कि अगर ऐसे वोटर कार्ड किसी चुनाव में प्रयोग हो जाते, तो न केवल नतीजों पर सवाल उठते बल्कि पूरे लोकतांत्रिक ढांचे पर भी गहरा आघात होता। लोगों ने चेतावनी दी कि अगर मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
फिलहाल, पुलिस ने सभी वोटर कार्डों को जब्त कर लिया है और उन्हें जांच के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि बारकोड और अन्य तकनीकी पहलुओं की मदद से कार्डों की प्रामाणिकता की जांच की जाएगी। यह घटना न केवल सालानपुर बल्कि पूरे आसनसोल और आसपास के इलाके में चर्चा का विषय बन गई है। लोग अब यह जानना चाहते हैं कि आखिर वोटर कार्डों का यह ढेर जंगल में कैसे पहुंचा और इसके पीछे कौन-सी ताकतें सक्रिय हैं।














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