एनआईटी दुर्गापुर में विवादित सवाल पर गरमाई बहस

Facebook
Twitter
WhatsApp

WhatsApp Image 2024 07 12 at 13.27.59

दुर्गापुर :  राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) दुर्गापुर में शुक्रवार दोपहर ‘आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत’ विषय पर आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र अचानक विवादित और गरमाता माहौल बन गया। केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार छात्रों से आत्मनिर्भर भारत पर समाधान पूछ रहे थे। इसी दौरान दो छात्रों ने मौलिक अधिकार और आरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण सवाल उठाए, जिससे सत्र में विवाद उत्पन्न हो गया।

राजस्थान के छात्र आयुष बेनुआ ने मंच पर पहुँच कर सवाल किया, “भारतीय नागरिकों के मौलिक अधिकार छीने जा रहे हैं। राजस्थान में शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है। सरकार इस पर क्या सोचती है?” लेकिन इस सवाल पर राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार भड़क गए और विरोध स्वरूप विवादित पलटवार करते हुए कहा कि उनका यह सवाल उचित नहीं है। उन्होंने कहा, “मुझे बताइए कि आपके मौलिक अधिकारों का हनन कहाँ हुआ। आप ठोस उदाहरण दें।” आयुष बेनुआ कुछ स्पष्ट नहीं कह सके। इसके बाद एनआईटी निदेशक ने मध्यस्थता करते हुए माइक्रोफोन उनके हाथ से ले लिया, ताकि सत्र शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ सके।

IMG 20250511 WA0050

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। छात्रों का कहना था कि सवाल पूछना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है, जिसे दबाया नहीं जाना चाहिए। वहीं, तृणमूल कांग्रेस के जिला प्रवक्ता उज्ज्वल मुखर्जी ने कहा, “छात्रों का सवाल पूछना कोई अपराध नहीं है। सांसद और मंत्री जनता के प्रतिनिधि हैं, उन्हें जनता के सवाल सुनने चाहिए।”

राजनीतिक विश्लेषकों ने इसे युवा पीढ़ी के असंतोष का प्रतीक बताया। उनका कहना है कि युवा वर्ग सरकार से सीधे संवाद करना चाहता है और अपने सवालों के जवाब चाहता है। मौजूदा समय में शिक्षा व्यवस्था, आरक्षण नीति और नागरिक अधिकारों पर खुली चर्चा होनी आवश्यक है, ताकि लोकतंत्र सशक्त बना रहे।

एनआईटी प्रशासन ने कहा कि यह कार्यक्रम सरकार और छात्रों के बीच संवाद स्थापित करने का प्रयास था। लेकिन अप्रत्याशित रूप से उत्पन्न विवाद को देखते हुए भविष्य में और भी समन्वित प्रयास किए जाएंगे ताकि विद्यार्थियों की आवाज़ सुनी जा सके।

स्थानीय छात्रसंघ नेताओं ने भी मांग की कि इस तरह के सत्र नियमित रूप से आयोजित किए जाएँ, ताकि छात्र अपनी समस्याएँ खुलकर रख सकें और प्रशासन उनसे समाधान के उपाय तलाशे।

IMG 20240918 WA0025

इस विवादित घटनाक्रम के बाद पूरे क्षेत्र में बहस का माहौल है। लोग इस पर विभिन्न मत रख रहे हैं। कुछ का कहना है कि छात्रों के सवाल पूछने का अधिकार सुरक्षित रहना चाहिए, तो कुछ इसे कार्यक्रम की अनुशासनहीनता मान रहे हैं।

फिलहाल, राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार का यह रुख साफ करता है कि संवैधानिक मुद्दों पर सवाल पूछते समय छात्रों को तथ्यों के साथ प्रस्तुत होना चाहिए। वहीं, प्रशासन और छात्रों के बीच संवाद को सकारात्मक दिशा देने की आवश्यकता पर बल दिया जा रहा है।

Leave a Comment

Leave a Comment

What does "money" mean to you?
  • Add your answer

Share Market

Also Read This

Gold & Silver Price

Our Visitor

0 3 5 5 3 3
Users Today : 27
Users Yesterday : 35