
आसनसोल : सोमवार को शिल्पांचल क्षेत्र में धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण आयोजन हुआ। जीटी रोड स्थित बड़ा पोस्ट ऑफिस के पास महाबीर स्थान मंदिर के ऊपरी तल्ला के हॉल में रविवार को सनातन ब्राह्मण समाज की ओर से एक विशेष बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पांडवेश्वर से लेकर कल्याणेश्वर मंदिर तक के दर्जनों पुरोहित उपस्थित हुए और आगामी दुर्गापूजा की तैयारियों पर विचार-विमर्श किया गया।

बैठक की सबसे विशेष बात यह रही कि कोलकाता से आईं जया भट्टाचार्या ने तीन घंटे तक पुरोहितों को दुर्गापूजा के विधि-विधान की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने मंत्रोच्चारण, पूजा सामग्री की सही व्यवस्था, अनुष्ठान की शुद्धता और परंपरा से जुड़ी बारीकियों पर प्रशिक्षण दिया। उपस्थित पुरोहितों ने कहा कि यह उनके लिए पहली बार का अनुभव था, जब उन्हें इतने व्यवस्थित और व्यावहारिक तरीके से प्रशिक्षण प्राप्त हुआ। उनका मानना है कि इस ज्ञान से न केवल पूजा की शुद्धता बढ़ेगी बल्कि श्रद्धालुओं का विश्वास भी और गहरा होगा।

जया भट्टाचार्या ने प्रशिक्षण के बाद कहा कि इस बार समय की कमी के कारण केवल तीन घंटे का सत्र हो पाया। उन्होंने वादा किया कि भविष्य में वे तीन दिनों का विस्तृत प्रशिक्षण लेकर आएंगी, जिसमें दुर्गापूजा के साथ-साथ कालीपूजा की विधियों का भी विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। उनका मानना है कि आज के समय में पुजारियों के लिए परंपरा और आधुनिकता के बीच संतुलन साधते हुए सही ढंग से अनुष्ठान करना आवश्यक है।
बैठक के दौरान सनातन ब्राह्मण समाज की ओर से सामाजिक उत्तरदायित्व का भी परिचय दिया गया। जरूरतमंद पुरोहितों को दुर्गापूजा से पहले साड़ी, धोती और गमछा देने की घोषणा की गई। समिति का कहना था कि यह कदम न केवल आर्थिक सहयोग है बल्कि समाज में समानता और सम्मान की भावना को भी मजबूत करता है।

मौके पर मौजूद पुरोहितों में अरुण शर्मा, निरंजन पांडेय, देवी दास, तरुण चक्रवर्ती, दिलीप देवघरिया, देवाशीष भट्टाचार्य, सौरव मिश्रा, श्याम सुंदर पाठक, अरविंद झा, बाबू दा, सौरभ भट्टाचार्या और एच. पी. झा सहित कई प्रमुख नाम शामिल थे। सभी ने एक स्वर में कहा कि इस प्रकार की बैठकें और प्रशिक्षण समय-समय पर होते रहने चाहिए, ताकि समाज और धर्म दोनों का संरक्षण और संवर्धन हो सके।














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