
आसनसोल : पश्चिम बंगाल के औद्योगिक शहर आसनसोल में सोमवार को मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। सुबह से लगातार हो रही वर्षा के बाद शहर की प्रमुख सड़कें नदियों का रूप लेती दिखीं। लोगों के घरों में पानी घुस गया, गाड़ियां जलमग्न हो गईं और बाजार सूने पड़ गए। आमजन ने प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया।
सबसे अधिक जलभराव स्टेशन रोड, डोमहानी पुल, चांदमारी पुल और बर्नपुर के त्रिवेणी मोड़ के पास स्थित रेलवे पुल के नीचे देखा गया। यहां पानी इतना भर गया कि पैदल चलना भी असंभव हो गया। कई जगहों पर टू-व्हीलर और कारें पानी में फंसकर खराब हो गईं। ट्रैफिक घंटों बाधित रहा और यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।

स्टेशन रोड के दुकानदार संजय सिंह ने बताया कि ग्राहक दुकान तक नहीं पहुंच पाए और जो वाहन सड़क पर निकले, वे पानी में फंसकर बंद हो गए। एक स्थानीय महिला ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, “हर साल यही हाल होता है, लेकिन इस बार पानी इतना भर गया कि घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया।”
निवासियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह स्थिति प्रशासन की लापरवाही का नतीजा है। जलनिकासी की उचित व्यवस्था न होने से हर साल बारिश में यही संकट खड़ा होता है। लोगों ने आरोप लगाया कि नगर निगम सिर्फ अस्थायी समाधान करता है, जबकि स्थायी ड्रेनेज सिस्टम की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। सोमवार को बारिश का असर शिक्षा और कारोबार पर भी पड़ा।

कई स्कूलों और दफ्तरों में उपस्थिति बेहद कम रही। छोटे दुकानदारों ने बताया कि पूरा दिन दुकानें बंद रखनी पड़ीं और उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा। इधर, नगर निगम का कहना है कि राहत दल तैनात कर दिए गए हैं। पंपिंग मशीनों से पानी निकालने का कार्य जारी है और प्रभावित इलाकों में सफाई कर्मचारियों की टीम लगाई गई है। हालांकि, नागरिकों का कहना है कि यह केवल अस्थायी उपाय है। यदि स्थायी समाधान नहीं निकाला गया तो हर साल यही समस्या दोहराई जाएगी। बारिश ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि औद्योगिक और व्यावसायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण आसनसोल शहर में शहरी विकास की बुनियादी योजनाएं धरातल पर कमजोर हैं।














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