
बर्नपुर : स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के प्रशिक्षु और स्थायी कर्मचारियों की लंबे समय से प्रतीक्षित बोनस वार्ता आगामी 20 सितंबर को नई दिल्ली में होने जा रही है। इस बैठक में प्रबंधन और यूनियनों के प्रतिनिधि आमने-सामने होंगे। बोनस मद को लेकर अंतिम निर्णय इसी वार्ता में लिया जाएगा। बैठक में नेशनल जॉइंट कमेटी फॉर स्टील (एनजेसीएस) में शामिल इंटक, एटक, सीटू, बीएमएस और एचएमएस के शीर्ष प्रतिनिधि शामिल होंगे।
सूत्रों के अनुसार, सेल प्रबंधन ने कंपनी के आय-व्यय का आकलन कर बोनस भुगतान की राशि पर अपना रुख तय कर लिया है, किंतु इसकी आधिकारिक घोषणा 20 सितंबर की वार्ता के बाद ही की जाएगी। यूनियन नेताओं का कहना है कि इस बार श्रमिकों को सम्मानजनक बोनस दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि बीते वर्ष सेलकर्मियों को 26,500 रुपये का बोनस मिला था।

इस वर्ष बोनस राशि को लेकर कर्मचारियों और यूनियनों में कयासों का दौर जारी है। सोशल मीडिया पर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। कोई इसे 30,000 रुपये के आसपास बता रहा है, तो कुछ लोग इसे 50 हजार के पार तक जाने की बात कह रहे हैं। वहीं, कई कर्मचारी पीआरपी (परफॉरमेंस रिलेटेड पे) की तर्ज पर बोनस भुगतान की मांग कर रहे हैं। हालांकि प्रबंधन की ओर से आधिकारिक रूप से अब तक कोई आंकड़ा सामने नहीं आया है। वास्तविक राशि का निर्धारण 20 सितंबर की बैठक के बाद ही होगा, जब यूनियन और प्रबंधन के बीच विस्तृत वार्ता होगी।
यूनियन प्रतिनिधियों का यह भी कहना है कि बैठक में बोनस के अलावा 39 माह से लंबित बकाया एरियर पर भी चर्चा होने की संभावना है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि इस दिशा में भी कोई ठोस निर्णय सामने आएगा, जिससे उनकी पुरानी मांग पूरी हो सके।
ठेका श्रमिकों के लिए 8.33 प्रतिशत बोनस
इधर, सेल प्रबंधन ने ठेका श्रमिकों के लिए भी दुर्गापूजा से पहले बोनस भुगतान की घोषणा कर दी है। इसके तहत ठेका श्रमिकों को उनके वार्षिक मूल वेतन का 8.33 प्रतिशत बोनस दिया जाएगा। यह राशि नवरात्र प्रारंभ होने के साथ ही उनके बैंक खातों में जमा कर दी जाएगी। इस निर्णय से आईएसपी, डीएसपी सहित सेल की अन्य इकाइयों में कार्यरत करीब 70 हजार ठेका मजदूरों को लाभ मिलेगा।
हालांकि बोनस का लाभ केवल उन्हीं ठेका श्रमिकों को मिलेगा जिनका मासिक वेतनमान 21 हजार रुपये से कम है। 21 हजार रुपये से अधिक वेतन पाने वाले मजदूर इस योजना से बाहर रहेंगे।
सेल प्रबंधन ने सभी ठेकेदारों को निर्देश जारी कर दिया है कि वे पात्र ठेका मजदूरों को 22 सितंबर से दो अक्टूबर के बीच बोनस का भुगतान सुनिश्चित करें। निर्धारित समय सीमा में भुगतान नहीं करने पर संबंधित ठेका कंपनियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

शिकायत का अधिकार भी श्रमिकों को
इस बार ठेका श्रमिकों को यह अधिकार भी दिया गया है कि यदि वे पात्र होने के बावजूद बोनस से वंचित रहते हैं तो इसकी शिकायत सीधे प्रबंधन से कर सकते हैं। ऐसे मामलों में दोषी ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कर्मचारियों में उत्साह और उम्मीद
कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों दोनों के बीच बोनस को लेकर उत्साह चरम पर है। स्थायी कर्मचारियों को 20 सितंबर की बैठक का बेसब्री से इंतजार है, जबकि ठेका श्रमिक दुर्गापूजा से पहले मिलने वाली अतिरिक्त राशि से उत्साहित हैं। यूनियनों का दावा है कि इस बार बोनस भुगतान सम्मानजनक और संतोषजनक स्तर का होगा।
अब पूरे शिल्पांचल की निगाहें 20 सितंबर की बैठक पर टिकी हुई हैं, जहां यह तय होगा कि सेल कर्मियों के खातों में इस बार कितनी राशि बोनस के रूप में पहुंचेगी।














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