
आसनसोल : पश्चिम बंगाल की आर्थिक और औद्योगिक स्थिति को लेकर अब चिंताएं तेज़ हो गई हैं। आसनसोल चेंबर ऑफ कॉमर्स के सचिव शंभूनाथ झा ने शनिवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर स्पष्ट शब्दों में चेताया कि राज्य सरकार के हालिया कदमों से पश्चिम बंगाल के पिछड़ने का खतरा गहरा गया है।
झा ने कहा कि उनकी हार्दिक इच्छा है कि बंगाल सदैव देश के अग्रणी राज्यों में शामिल रहे। किंतु जिस प्रकार सरकार ने अचानक कुछ फैसले लिए हैं, उससे यह आशंका उत्पन्न हो रही है कि आने वाले दिनों में राज्य को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है।

उन्होंने पत्र में सबसे बड़ी समस्या के रूप में सरकारी ज़मीन की दरों में 35 से 40 प्रतिशत की अचानक वृद्धि को बताया। झा के अनुसार, इस बढ़ोतरी से न केवल आम जनता पर अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा बल्कि रियल एस्टेट क्षेत्र को भी गंभीर झटका लगेगा। ज़मीन की ऊंची कीमतों के कारण स्टाम्प शुल्क और पंजीकरण शुल्क में स्वतः वृद्धि होगी, जिससे आम लोगों का घर खरीदना और भी कठिन हो जाएगा।
इसके साथ ही, झा ने सरकार द्वारा उद्योगों को दिए जा रहे अनुदान और प्रोत्साहन समाप्त करने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह निर्णय राज्य की औद्योगिक स्थिति को कमजोर करेगा। जब अन्य राज्य उद्योगों को आकर्षित करने के लिए नीतिगत रियायतें और सहायता दे रहे हैं, तब पश्चिम बंगाल का यह कदम संभावित निवेशकों के बीच नकारात्मक संदेश भेजेगा।

उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा कि उद्योग और व्यापार किसी भी राज्य की प्रगति की धुरी होते हैं। यदि उद्योगों को हतोत्साहित किया जाएगा तो रोजगार के अवसर घटेंगे और युवाओं को बाहर जाना पड़ेगा। झा ने आशा व्यक्त की कि मुख्यमंत्री इस विषय पर पुनर्विचार करेंगी और ऐसे कदम उठाएंगी जिनसे राज्य की आर्थिक सेहत बेहतर हो सके।

उन्होंने यह भी कहा कि व्यापारियों और उद्योगपतियों के साथ संवाद कर समाधान खोजा जाना चाहिए। यदि सरकार समय रहते इस पर ध्यान नहीं देती तो बंगाल विकास की दौड़ में पिछड़ जाएगा।














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