
सालानपुर : शनिवार को ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) की बनजेमारी परियोजना को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। सालानपुर ब्लॉक तृणमूल कांग्रेस के सह-अध्यक्ष भोला सिंह ने दो टूक चेतावनी दी कि जब तक प्रभावित परिवारों को उचित पुनर्वास नहीं मिलेगा, तब तक किसी भी प्रकार का भूमि अधिग्रहण या विस्थापन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, ईसीएल के सर्वेयर सुषांत धीबर पर स्थानीय ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वह बिना किसी पूर्व नोटिस के क्षेत्र में किसानों और ग्रामीणों की जमीन नाप रहे हैं। इतना ही नहीं, उनके व्यवहार को लेकर भी लोगों में नाराज़गी है। ग्रामीण महिलाओं का आरोप है कि धीबर ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया, जिससे आक्रोश और बढ़ गया।

इसी विवाद को लेकर शनिवार सुबह देन्दुआ स्थित ईसीएल एजेंट कार्यालय का घेराव किया गया। इस दौरान सैकड़ों ग्रामीण तृणमूल कांग्रेस के झंडे लेकर नारेबाजी करते हुए मौके पर पहुंचे। कार्यालय के सामने घंटों तक विरोध प्रदर्शन चलता रहा। प्रदर्शन के दौरान सालानपुर ब्लॉक तृणमूल कांग्रेस के सह-अध्यक्ष भोला सिंह, देन्दुआ पंचायत प्रधान सुप्रकाश माजी, कई स्थानीय तृणमूल नेता और सालानपुर थाना अंतर्गत कल्याणेश्वरी फाड़ी की पुलिस भी मौजूद रही।
मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों को संबोधित करते हुए भोला सिंह ने कहा—
“ईसीएल को यह साफ समझ लेना चाहिए कि बिना पुनर्वास किसी भी प्रकार का विस्थापन संभव नहीं है। ग्रामीणों के साथ अन्याय हुआ तो आंदोलन और तेज होगा। हम हर हाल में किसानों और प्रभावित परिवारों के साथ खड़े हैं।”

ग्रामीणों का कहना है कि वे कई पीढ़ियों से इस जमीन पर खेती कर रहे हैं। अचानक सर्वे टीम का बिना नोटिस आना और जमीन की माप-जोख करना अनुचित है। उनका आरोप है कि कंपनी ग्रामीणों को दरकिनार कर सीधे अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाना चाहती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईसीएल ने पुनर्वास की मांगों की अनदेखी की, तो यह मुद्दा राजनीतिक रूप से और अधिक गरमा सकता है। कोयलांचल क्षेत्र में खनन परियोजनाओं का विस्तार हमेशा संवेदनशील रहा है। पुनर्वास और मुआवजे की मांगें पहले भी बड़े आंदोलन का कारण बनी हैं।














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