
दुर्गापुर : शनिवार को शिक्षा जगत में इतिहास रचते हुए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) दुर्गापुर ने एक अनूठी पहल की। अब यहां के छात्र बीटेक की पढ़ाई के साथ-साथ मैनेजमेंट शिक्षा (एमबीए) भी कर सकेंगे। इस संबंध में एनआईटी दुर्गापुर और आईआईटी विशाखापट्टनम के बीच एक बड़ा करार हुआ। यह समझौता छात्रों के लिए दोहरी शिक्षा का अवसर खोलता है, जो अब तक असंभव माना जाता था।
करार से छात्रों के लिए नई राह
शुक्रवार को हुए इस करार पर एनआईटी दुर्गापुर के निदेशक प्रोफेसर अरविंद चौबे और आईआईटी विशाखापट्टनम के निदेशक की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए गए। प्रोफेसर चौबे ने कहा कि यह कदम छात्रों को नई दिशा देगा और उन्हें इंजीनियरिंग के साथ प्रबंधन कौशल हासिल करने का सुनहरा मौका प्रदान करेगा।

बिना CAT परीक्षा सीधे प्रवेश
अब तक एमबीए में दाखिले के लिए छात्रों को CAT जैसी कठिन परीक्षा से गुजरना पड़ता था। लेकिन इस करार के बाद एनआईटी दुर्गापुर के छात्र बिना CAT परीक्षा दिए ही ऑनलाइन मोड से एमबीए में दाखिला पा सकेंगे। यह सुविधा समय और पैसे दोनों की बचत करेगी।
छात्रों को मिलेंगे यह बड़े फायदे
बीटेक और एमबीए साथ-साथ करने से समय की बचत होगी।बिना CAT परीक्षा दिए एमबीए में प्रवेश मिलेगा।ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा, लेकिन डिग्री सामान्य दीक्षांत समारोह में ही प्रदान होगी।कॉर्पोरेट और तकनीकी क्षेत्र में बेहतर करियर अवसर उपलब्ध होंगे।
शिक्षा जगत में नई मिसाल
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल छात्रों को “टेक्नो-मैनेजमेंट” स्किल्स से लैस करेगी। इंजीनियरिंग के साथ प्रबंधन की पढ़ाई से छात्रों की रोजगार क्षमता में गुणात्मक वृद्धि होगी। कंपनियों में तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ प्रबंधन कौशल की भी बढ़ती मांग है। इस नई व्यवस्था से छात्र कॉर्पोरेट सेक्टर, स्टार्टअप और उच्च स्तरीय नौकरियों के लिए अधिक सक्षम बनेंगे।

उद्योग जगत को होगा लाभ
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की शिक्षा व्यवस्था से उद्योग जगत को ऐसे प्रोफेशनल्स मिलेंगे जो तकनीकी और प्रबंधन दोनों क्षेत्रों में दक्ष होंगे। इससे भारत में नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा।
छात्रों में उत्साह
एनआईटी दुर्गापुर के छात्रों में इस घोषणा को लेकर खासा उत्साह है। उनका कहना है कि इससे न केवल उनकी पढ़ाई आसान होगी बल्कि करियर में भी नए अवसर खुलेंगे।














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