
आसनसोल : रविवार को आसनसोल रेलवे स्टेशन पर त्योहारों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया। दुर्गापूजा और धनतेरस के मद्देनजर आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने स्टेशन पर विशेष जांच अभियान चलाया। इस दौरान झारखंड के गोमो निवासी 56 वर्षीय मनोज कुमार गुप्ता को 2.8 किलो चांदी के साथ गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई रेलवे सुरक्षा बल के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, क्योंकि त्योहारों से पहले तस्करी और अवैध लेन-देन पर कड़ी निगरानी की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, 19 सितंबर को आरपीएफ आसनसोल वेस्ट पोस्ट की टीम प्लेटफॉर्म नंबर 1 और 2 पर गश्त कर रही थी। इसी दौरान मनोज कुमार संदिग्ध व्यवहार करते पाए गए। उनकी तलाशी लेने पर बैग से 2.8 किलो चांदी बरामद हुई, जिसकी बाजार कीमत लगभग 3 लाख रुपये बताई जा रही है। आरपीएफ ने तुरंत आरोपी को जीआरपी के हवाले कर दिया।

जीआरपी ने कानूनी कार्रवाई करते हुए आरोपी को आसनसोल कोर्ट में पेश किया। कोर्ट के आदेशानुसार उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में लगी है कि यह चांदी कहां से लाई गई थी और इसका असली गंतव्य क्या था। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई त्योहारों के समय होने वाली अवैध गतिविधियों को रोकने में अहम साबित होगी।
रेलवे सुरक्षा बल ने बताया कि त्योहारों के दौरान स्टेशन पर निगरानी और चेकिंग को और अधिक कड़ा किया जाएगा। आरपीएफ की टीम सीसीटीवी फुटेज और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही है। यात्रियों और स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
स्थानीय सर्राफा बाजार और व्यापारियों में इस गिरफ्तारी के बाद हलचल मच गई है। कई व्यापारी अब अपनी डिलीवरी और शिपमेंट को लेकर अतिरिक्त सतर्क हो गए हैं। उनका कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से तस्करी करने वालों को स्पष्ट संदेश मिलेगा कि प्रशासन त्योहारों के समय भी चौकस है।

सुरक्षा अधिकारी बताते हैं कि पिछले कुछ सालों में त्योहारों के दौरान तस्करी और चोरी की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई थी। इसलिए इस बार आरपीएफ और जीआरपी ने मिलकर विशेष अभियान चलाया। उन्होंने स्टेशन पर पैसेंजर ट्रेन और प्लेटफॉर्म पर निगरानी बढ़ाई और संदिग्ध लोगों की पहचान के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि त्योहारों के दौरान पुलिस की सक्रियता से न सिर्फ सुरक्षा बढ़ती है, बल्कि आम जनता का विश्वास भी मजबूत होता है। यात्रियों ने कहा कि स्टेशन पर चेकिंग और निगरानी देखकर उन्हें सुरक्षा का अहसास हुआ।
इस गिरफ्तारी के बाद प्रशासन ने स्पष्ट किया कि रेलवे परिसर में किसी भी प्रकार की तस्करी और अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारी लगातार स्थानीय व्यापारियों, यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। यह कदम त्योहारों को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।














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