
आसनसोल : मंगलवार को शिल्पांचल में लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी (पीएचई) विभाग के खिलाफ ठेकेदारों का गुस्सा फूट पड़ा। विभिन्न संगठनों से जुड़े ठेकेदारों ने आसनसोल स्थित पीएचई कार्यालय पर धरना देते हुए जोरदार विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि विभाग ने महीनों से उनके बिलों का भुगतान रोक रखा है, जिसके कारण वे गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
प्रदर्शन कर रहे ठेकेदारों का कहना था कि ‘जल जीवन मिशन’ के तहत किए गए कार्यों के भुगतान लंबे समय से लंबित हैं। यही नहीं, वर्ष 2022 से अब तक हुए चुनावी कार्यों में लगी राशि के बिल भी अब तक जारी नहीं किए गए हैं। इतना ही नहीं, गर्मी के दिनों में शहर में जब जल संकट गहराया था और कार से पेयजल की आपूर्ति की गई थी, उसका खर्च भी विभाग की ओर से अदा नहीं किया गया।

ठेकेदारों ने बताया कि इस वित्तीय अड़चन के चलते उनका जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है। बैंकों का कर्ज चुकाना, कर्मचारियों को वेतन देना और घर का खर्च उठाना मुश्किल हो गया है। कई छोटे ठेकेदारों की स्थिति तो इतनी बिगड़ गई है कि वे अब नए काम लेना तो दूर, पुराने कामकाज भी संभालने में असमर्थ हो रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह स्थिति बनी रही तो भविष्य में वे सरकारी ठेकों से दूरी बना लेंगे।
विरोध प्रदर्शन के दौरान ठेकेदारों ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल वे ही नहीं, बल्कि उनके अधीन कार्यरत सैकड़ों मजदूर और कर्मचारी भी इस लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे हैं। बकाया वेतन न मिलने से उनकी आजीविका खतरे में पड़ गई है। कई परिवारों में रोज़मर्रा की जरूरतों को पूरा करना चुनौती बन गया है।

स्थानीय सूत्रों ने बताया कि पीएचई विभाग के अधिकारी प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने पहुंचे। लेकिन ठेकेदारों का कहना था कि केवल आश्वासन से अब काम नहीं चलेगा। यदि विभाग जल्द ही भुगतान की स्पष्ट समय सीमा तय नहीं करता है, तो वे बड़े आंदोलन की राह अपनाने को बाध्य होंगे।
ठेकेदारों ने कहा कि उनकी मांगें जायज हैं और विभाग को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। यदि बकाया रकम का भुगतान शीघ्र नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में पीएचई कार्यालय का घेराव और भी व्यापक होगा। उन्होंने साफ कहा कि अब उनकी धैर्य की सीमा टूट रही है और सरकार को स्थिति को गंभीरता से लेना होगा।














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