
आसनसोल : आसनसोल उत्तर थाना क्षेत्र के शीतला मंदिर के निकट स्थित सेना की भूमि पर अवैध निर्माण और कब्ज़े की शिकायतें लंबे समय से मिल रही थीं। भक्तों के विरोध और स्थानीय निवासियों की आपत्ति के बाद अंततः सेना के अधिकारी स्वयं कार्रवाई के लिए आगे आए। गुरुवार को सेना की विशेष टीम ने मौके पर पहुँचकर भूमि की स्थिति का जायजा लिया और अतिक्रमण रोकने के लिए सख्त कदम उठाए।
शिकायत पर त्वरित कदम
मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं का कहना था कि सेना की इस भूमि पर अक्सर वाहन खड़े कर दिए जाते हैं और धीरे-धीरे कुछ लोगों ने अस्थायी ढाँचे भी खड़े कर लिए थे। इससे न केवल मंदिर के मार्ग में बाधा उत्पन्न होती थी, बल्कि श्रद्धालुओं को जाम और अव्यवस्था का सामना करना पड़ता था। स्थानीय निवासियों ने औपचारिक शिकायत पत्र सेना मुख्यालय को सौंपा, जिसके बाद अधिकारियों ने त्वरित एक्शन लिया।

सेना की सख्त चेतावनी
कार्रवाई के दौरान सेना के अधिकारियों ने भूमि पर चेतावनी बोर्ड भी लगवा दिए, जिन पर स्पष्ट लिखा गया है कि यह क्षेत्र भारतीय सेना की संपत्ति है और इस पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण दंडनीय अपराध होगा। इस कदम के बाद अवैध कब्ज़ा करने वालों में खलबली मच गई। कई लोगों ने पहले ही अपने ढाँचे हटाने शुरू कर दिए।
जनता ने किया स्वागत
मंदिर में दर्शन करने पहुँचे श्रद्धालुओं और आसपास के निवासियों ने सेना की इस कार्रवाई की सराहना की। उनका कहना है कि अब मंदिर परिसर में व्यवस्था सुधरेगी और श्रद्धालुओं को बिना किसी बाधा के पूजा-अर्चना का अवसर मिलेगा। लंबे समय से चली आ रही इस समस्या के समाधान से लोगों में संतोष और राहत की भावना देखी गई।
पुलिस-सेना मिलकर करेंगे निगरानी
सेना अधिकारियों ने स्थानीय पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर दिया है। आने वाले दिनों में इस भूमि पर नियमित निगरानी रखी जाएगी ताकि कोई भी दोबारा अवैध कब्ज़ा करने की हिम्मत न कर सके। सूत्रों का कहना है कि इस इलाके में सीसीटीवी लगाने और गश्त बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है।

अतिक्रमण पर सख्त संदेश
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कार्रवाई से आसनसोल और आसपास के क्षेत्रों में अतिक्रमणकारियों को कड़ा संदेश गया है। सेना ने साफ कर दिया है कि उनकी संपत्ति पर किसी भी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह कदम उन लोगों के लिए भी चेतावनी है, जो सरकारी या सार्वजनिक जमीन पर कब्ज़ा कर निजी फायदा उठाने की कोशिश करते हैं।
भविष्य की योजना
सूत्रों के अनुसार सेना इस जमीन को साफ करने के बाद इसे चारदीवारी से घेरने पर विचार कर रही है। यदि ऐसा हुआ तो न केवल अतिक्रमण पर अंकुश लगेगा बल्कि मंदिर क्षेत्र का वातावरण भी अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित हो जाएगा।














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