
आसनसोल : शहर के बीचोंबीच जीटी रोड किनारे स्थित 8 नंबर ओल्ड बस स्टैंड की पार्किंग अवैध वसूली और मनमानी का अड्डा बनती जा रही है। यह स्थान नगर निगम की ओर से टैक्सी स्टैंड के लिए निर्धारित है, लेकिन हकीकत यह है कि यहां बड़ी संख्या में दोपहिया वाहन खड़े किए जा रहे हैं और उनके चालकों से मनमाने ढंग से पैसे वसूले जा रहे हैं। नियमों की खुली धज्जियाँ उड़ते देख नागरिकों में गुस्सा और नाराज़गी दोनों है।

स्थानीय नागरिकों ने बताया कि टैक्सी स्टैंड के नाम पर यहाँ अघोषित रूप से बाइक पार्किंग चलाई जा रही है। खास बात यह है कि किसी तरह की रसीद या अधिकृत पर्ची भी लोगों को नहीं दी जाती, बल्कि सीधे नकद वसूली होती है। इससे साफ़ जाहिर है कि पूरा खेल अवैध तरीके से चल रहा है और इसकी आड़ में मोटी कमाई हो रही है।
इस मुद्दे पर जब टीएमसी पार्षद जीतू सिंह से बात की गई, तो उन्होंने भी चिंता जताई। पार्षद सिंह ने कहा कि “मुझे इस बारे में पूरी जानकारी नहीं थी, लेकिन स्वयं मैं भी इसका शिकार हो चुका हूँ। कुछ समय पहले जब अपनी पत्नी के साथ यहाँ पहुँचा और बाइक खड़ी की, तब मुझसे पैसे मांगे गए। मैंने जब पूछा कि टैक्सी स्टैंड पर बाइक पार्क करने का शुल्क क्यों लिया जा रहा है, तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। यह पूरी तरह से धांधली है, जिस पर तुरंत रोक लगनी चाहिए।”

उन्होंने आगे नगर निगम प्रशासन से इस मामले का संज्ञान लेने की अपील करते हुए कहा कि वर्तमान कमिश्नर को चाहिए कि वे न केवल इस वसूली को रोकें बल्कि अब तक हुई बकाया वसूली की भी जांच कर कार्रवाई करें।
वहीं, जब पार्किंग स्थल पर काम कर रहे कुछ कर्मचारियों से बात की गई, तो उन्होंने अपना पल्ला झाड़ते हुए कहा कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है कि किसके आदेश पर पैसा वसूला जा रहा है। राजू नामक एक कर्मचारी ने कहा, “हम तो केवल यहाँ काम करते हैं। यह जगह टैक्सी स्टैंड है, लेकिन जब टैक्सियों की संख्या अधिक हो जाती है, तो आपसी समझदारी से कुछ बाइक और अन्य वाहन किनारे खड़े कर दिए जाते हैं।”हालाँकि नागरिकों का कहना है कि यह केवल बहाना है।

असलियत यह है कि वर्षों से यहाँ टैक्सी स्टैंड के नाम पर एक समानांतर अवैध पार्किंग माफिया सक्रिय है। न तो नगर निगम ने कभी इस पर नकेल कसी, न ही पुलिस ने ध्यान दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर टैक्सी स्टैंड पर ही अन्य वाहनों को खड़ा कर पैसा लिया जा रहा है, तो यह नगर निगम की अनुमति और नियमों की सरासर अवहेलना है। इससे न केवल शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है, बल्कि आम जनता की जेब पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ता है।अब देखना यह है कि नगर निगम प्रशासन इस पूरे प्रकरण पर क्या कदम उठाता है।














Users Today : 21
Users Yesterday : 35