
आसनसोल : चित्तरंजन के एरिया फाइव पूजा कमेटी ने दुर्गा पूजा से 84 दिन पहले ही अपनी थीम का भव्य ऐलान कर दिया है। इस वर्ष पूजा समिति अपनी 75वीं वर्षगांठ यानी प्लेटिनम जुबली मना रही है, और इस विशेष अवसर पर थीम चुनी गई है – गंगा प्रदूषण।
थीम को उजागर करने के लिए 5 जुलाई को ही खूंटी पूजा का आयोजन कर दिया गया। आयोजकों के अनुसार, इस बार पूजा पंडाल को बनारस के गंगा घाट जैसे दृश्य में सजाया जाएगा। आकर्षण का सबसे बड़ा केंद्र होगा — एक कृत्रिम गंगा नदी, जो पंडाल के नीचे बहती नजर आएगी, और उसके ऊपर से एक बस के आकार का पुल, जिससे होकर दर्शकों को दुर्गा प्रतिमा तक पहुंचना होगा।

पंडाल में गंगा नदी के दोनों किनारों पर दृश्यात्मक प्रस्तुति होगी — एक ओर माता के मंदिरों की पावन छवि तो दूसरी ओर फैक्ट्रियों द्वारा छोड़ा गया गंदा और प्रदूषित पानी। इसके जरिए दर्शकों को यह संदेश दिया जाएगा कि कैसे गंगा जैसी पवित्र नदी भी मानवजनित कारणों से प्रदूषित होती जा रही है।
इस बार विशेष आकर्षण होगा — काशी विश्वनाथ मंदिर की प्रतिकृति और पूरे क्षेत्र की लाइटिंग का कार्य बाहरी कलाकारों द्वारा किया जाएगा। आयोजकों ने बताया कि इस बार पूरी पूजा की अनुमानित लागत लगभग 14 लाख रुपये है।

पूजा समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र झा, संपादक कुंतल मित्रा और कार्तिक बोस, तथा कोषाध्यक्ष झिनटू दे हैं। सजावट के प्रभारी पल्टू ने बताया कि इस बार की सजावट पूरी तरह से पर्यावरण जागरूकता और संस्कृति के समन्वय को दर्शाएगी।
स्थानीय निवासियों में इस अभिनव थीम को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। समिति को उम्मीद है कि इस बार की पूजा राज्य के प्रमुख पर्यावरण आधारित पूजा पंडालों में से एक बनकर उभरेगी।














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