
आसनसोल/बर्नपुर : लगातार बढ़ती सब्जी कीमतों से त्रस्त आम लोगों को जिला प्रशासन की सख्ती से राहत की उम्मीद नजर आने लगी है। सोमवार को जिला शासक एस. पन्ना बलम के निर्देश पर प्रशासनिक टास्क फोर्स ने आसनसोल और बर्नपुर के प्रमुख सब्जी बाजारों में औचक निरीक्षण अभियान चलाया। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य था — ग्राहकों को उचित मूल्य पर सब्जियाँ उपलब्ध कराना और बिचौलियों की मुनाफाखोरी पर लगाम कसना।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि बाजार में कई सब्जी विक्रेता होलसेल मूल्य से दो गुना अधिक दरों पर सब्जियाँ बेच रहे हैं। विशेष रूप से टमाटर, बैंगन, करेला, परवल जैसी सब्जियों की कीमतें जरूरत से ज़्यादा वसूली जा रही थीं, जबकि मौसम अनुकूल होने से आपूर्ति में कोई खास कमी नहीं थी।
प्रशासन ने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा, “यह पहला दिन है समझाने का, अगली बार सीधी कार्रवाई की जाएगी।” टास्क फोर्स के अधिकारियों ने बाजार के विक्रेताओं से खुले तौर पर संवाद किया और समझाया कि अगर मूल्य नियंत्रण में सहयोग नहीं मिला, तो कानूनी कार्रवाई तय है।

ग्राहकों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया। एक महिला खरीदार ने कहा, “टमाटर और करेला जैसे रोज़ के सब्ज़ी अब 80-100 रुपये किलो में मिल रहे हैं। हम आम लोग खाएँ तो क्या खाएँ?” एक अन्य ग्राहक ने कहा, “अगर हर हफ्ते इसी तरह छापेमारी हो, तो दुकानदार मनमानी नहीं कर पाएँगे।”
जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि यह कार्रवाई केवल एक दिन की नहीं, बल्कि अब बाजारों की साप्ताहिक निगरानी की जाएगी। सभी मंडल स्तर के अधिकारी, नगर निगम प्रतिनिधि और स्थानीय थानों को बाजार की निगरानी और अवैध भंडारण पर कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।

साथ ही यह भी तय किया गया है कि हर सप्ताह मंडियों में थोक और खुदरा कीमतों की तुलना की जाएगी और विक्रेताओं से पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पर्चियों और रेट लिस्ट प्रदर्शित करने को कहा गया है।
प्रशासन की इस सख्ती से अब यह साफ हो गया है कि बाजार में मनमानी दर पर बिक्री नहीं चलने दी जाएगी। आम आदमी की थाली सस्ती करना प्रशासन की पहली प्राथमिकता होगी।
अब हर मंगलवार और शुक्रवार को विशेष निगरानी अभियान चलाया जाएगा, ताकि यह तय किया जा सके कि सब्जी की कीमतें नियंत्रण में रहें और गरीब से गरीब व्यक्ति की थाली से सब्जी गायब न हो।
आम उपभोक्ताओं को भी सलाह दी गई है कि वे रसीद लेकर खरीदारी करें और कोई भी अधिक मूल्य की शिकायत मिलने पर सीधे जिला नियंत्रण कक्ष या टास्क फोर्स के संपर्क नंबर पर जानकारी दें।
प्रशासन की यह पहल जनहित में उठाया गया एक प्रभावी कदम माना जा रहा है, जो आम आदमी की जेब पर पड़ रहे अतिरिक्त बोझ को कुछ हद तक कम कर सकता है।














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