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उद्योगपति सुब्रतो घांटी बोले: बंद कोई समाधान नहीं होता

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आसनसोल : केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में बुधवार को 10 वामपंथी ट्रेड यूनियनों द्वारा आहूत भारत बंद को लेकर प्रख्यात उद्योगपति सुब्रतो घांटी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “बंद किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता, यह केवल अंतिम विकल्प हो सकता है।”

उन्होंने कहा कि एक समय था जब आसनसोल औद्योगिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र हुआ करता था। यहां कई कारखाने और उद्योग सक्रिय थे, लेकिन आज की स्थिति चिंताजनक है। अधिकतर उद्योग बंद हो चुके हैं, और इसका असर सिर्फ उद्योगों पर ही नहीं, बल्कि पूरे व्यापारिक माहौल पर पड़ा है।

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सुब्रतो घांटी ने कहा कि “मैं एक छोटा व्यवसायी हूं, लेकिन जब कर्मचारियों को वेतन देने का समय आता है तो स्थिति तनावपूर्ण हो जाती है। मेरे कर्मचारियों के परिवार मेरी आय पर निर्भर हैं।” उन्होंने कहा कि बंद जैसे कदमों से बाजार की गतिविधियां और अधिक ठप हो जाती हैं, जिससे आम व्यापारियों को सीधा नुकसान होता है।

जब उनसे पूछा गया कि बंद समर्थकों का कहना है कि यह बंद जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए किया गया है, तो उन्होंने जवाब दिया कि “जनता के मुद्दों को उठाने के लिए संसद है। वहां जनप्रतिनिधि बैठे हैं, उन्हें वहीं अपनी आवाज बुलंद करनी चाहिए। बंद करके आमजन को परेशानी में डालना कोई समाधान नहीं है।”

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उन्होंने यह भी जोड़ा कि आसनसोल के बच्चे-बच्चे को पता है कि यहां के उद्योग किसकी वजह से बंद हुए हैं। बिना नाम लिए उन्होंने वामपंथी दलों पर निशाना साधा और कहा कि अब फिर वही लोग बंद का सहारा लेकर आम जनता को कष्ट दे रहे हैं।

सुब्रतो घांटी की यह प्रतिक्रिया यह दिखाती है कि बंद को लेकर व्यवसायिक वर्ग में रोष और चिंता गहराती जा रही है। उनका मानना है कि अगर वास्तव में जनहित की चिंता है, तो संविधानिक रास्तों और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से संघर्ष किया जाना चाहिए, न कि सड़कों पर उतरकर आम जीवन को बाधित कर।

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