
आसनसोल : झारखंड और आसपास के इलाकों में बीते कई दिनों से लगातार हो रही मूसलधार बारिश ने डैमों पर दबाव बढ़ा दिया है। इसी के मद्देनज़र दामोदर वैली कॉरपोरेशन (डीवीसी) ने माईथन डैम से 10,000 क्यूसेक और पंचेत डैम से 40,000 क्यूसेक पानी छोड़ने का निर्णय लिया है। डैम की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिया गया यह निर्णय अब निचले क्षेत्रों में बाढ़ की आशंका को भी जन्म दे रहा है।डीवीसी अधिकारियों का कहना है कि जलाशयों का जलस्तर खतरनाक सीमा तक पहुंच चुका था। अगर समय रहते पानी नहीं छोड़ा जाता, तो डैम की संरचनात्मक सुरक्षा को खतरा हो सकता था। इसलिए एहतियातन यह पानी छोड़ा गया, ताकि भविष्य में कोई गंभीर आपदा न हो।
प्रशासन ने जारी किया बाढ़ का अलर्ट
डैम से पानी छोड़े जाने के बाद धनबाद, बोकारो, गिरिडीह, जामताड़ा सहित निचले इलाकों में प्रशासन सतर्क हो गया है। नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ की आशंका के मद्देनज़र लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है। प्रशासन ने राहत शिविरों और अस्थाई ठहराव केंद्रों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल हुई भयावह तस्वीरें
तेज बहाव में बहते खेत, जलमग्न सड़कें और मवेशियों के फंसे होने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। इन तस्वीरों ने आम लोगों के बीच भय का वातावरण पैदा कर दिया है। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है और सड़क संपर्क पूरी तरह ठप होने की खबरें भी मिल रही हैं।
जल विशेषज्ञों की चेतावनी
जल प्रबंधन से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा, तो डैमों पर और अधिक दबाव बनेगा और संभव है कि एक बार में अधिक मात्रा में पानी छोड़ना पड़े, जिससे अचानक आई बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में लोगों को अभी से जागरूक और सतर्क रहना जरूरी है।

डीवीसी का निर्णय: सुरक्षा या संकट?
हालांकि डीवीसी ने इसे सुरक्षा का कदम बताया है, लेकिन स्थानीय लोग इसे नई मुसीबत मान रहे हैं। कई ग्रामीणों ने चिंता जताई है कि बगैर पूर्व सूचना के इतनी बड़ी मात्रा में पानी छोड़ना मानव जीवन और पशुधन के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने स्पष्ट कहा है कि लोग अफवाहों पर ध्यान न दें, प्रशासन हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि अगर किसी को बाढ़ या जलभराव की आशंका हो, तो तुरंत स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।फिलहाल माईथन और पंचेत डैम के जलस्तर पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है और मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार अगले दो-तीन दिन और बारिश होने की संभावना है। ऐसे में जिला प्रशासन और डीवीसी के अधिकारियों की हर गतिविधि पर जनता की नजरें टिकी हुई हैं।














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