मुर्शिदाबाद में सड़क के अभाव में गर्भवती को ढोया कंधे पर

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मुर्शिदाबाद :  सरकार की लाख घोषणाओं और योजनाओं के बावजूद जमीनी हकीकत आज भी बदहाल है। इसका ताजा उदाहरण जिले के सुति-1 ब्लॉक अंतर्गत हरुआ ग्राम पंचायत के पाराईपुर गांव में सामने आया है, जहां गर्भवती महिला को कंधे पर ढोकर अस्पताल ले जाना पड़ा। कारण—गांव में अब तक एक किलोमीटर सड़क भी नहीं बन सकी है, जो कागजों में तो स्वीकृत है, पर ज़मीनी हकीकत शून्य है।

शुक्रवार को गर्भवती महिला की तबीयत बिगड़ने पर परिवार ने एंबुलेंस को सूचना दी, लेकिन गांव तक जाने वाली सड़क कीचड़ में तब्दील हो चुकी थी। एंबुलेंस गांव में प्रवेश नहीं कर सकी, जिसके बाद परिवार और ग्रामीणों ने मिलकर महिला को स्ट्रेचर पर लिटाया और कंधे पर ढोते हुए मुख्य सड़क तक ले गए। वहीं से उसे निकटवर्ती स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।

पाराईपुर के ग्रामीणों ने बताया कि इस इलाके की सड़कें बरसात में कीचड़ का दलदल बन जाती हैं। कलम और कागज में सड़क मौजूद है, पर धरातल पर उसका कोई अस्तित्व नहीं है। बताया गया कि राज्य सरकार ने 39 लाख रुपये की लागत से सड़क निर्माण के लिए ‘पथश्री योजना’ के तहत बजट आवंटित किया था। 9 फरवरी 2024 को दक्षिणपाड़ा से पूर्वपाड़ा तक लगभग 1 किलोमीटर सड़क के निर्माण हेतु ‘वर्क ऑर्डर’ जारी किया गया था, परंतु अब तक एक ईंट भी नहीं रखी गई है।

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स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि बीडीओ कार्यालय से आदेश मिलने के बावजूद ठेकेदार ने जानबूझकर कार्य में रुचि नहीं ली। अब ग्रामीणों की पीड़ा सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के माध्यम से सामने आ चुकी है, जिसमें गर्भवती महिला को कीचड़ भरे रास्ते से कंधे पर ले जाते देखा जा सकता है।

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ग्रामीणों का कहना है कि हल्की सी बारिश होते ही पूरा गांव कीचड़ में डूब जाता है। स्कूल जाने वाले बच्चे, बीमार वृद्ध, गर्भवती महिलाएं—हर कोई नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधि सिर्फ चुनाव के समय दिखाई देते हैं। उसके बाद सब वादे हवा हो जाते हैं।

इस बीच ग्रामीणों ने एकजुट होकर प्रशासन से मांग की है कि या तो जल्द से जल्द सड़क निर्माण शुरू कराया जाए या जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि कार्य शीघ्र नहीं शुरू हुआ तो वे अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करेंगे। सरकारी योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित रहें तो जनता को कंधे पर इंसाफ ढोना पड़ता है। पाराईपुर गांव इसका साक्षात उदाहरण है।

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