
पूर्व मिदनापुर : एगरा स्थित इस्कॉन के महावीर मधुसूदन दास प्रभु द्वारा बैंक में जमा कराने भेजे गए सात लाख रुपये से भरे बैग की चोरी की घटना ने रविवार को पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी। लेकिन पुलिस की तत्परता और तकनीकी सहायता से महज 24 घंटे के भीतर मामला सुलझा लिया गया।
एसडीपीओ देवी दयाल कुंडू ने एक प्रेस वार्ता में बताया कि यह घटना तब हुई जब एक श्रद्धालु रथ यात्रा के दौरान एकत्रित 9 लाख रुपये में से 7 लाख रुपये बैंक में जमा कराने बाइक से जा रहे थे। रास्ते में बैग सड़क पर गिर गया और वे तुरंत उसे तलाशने लौटे, लेकिन बैग गायब था।

घटना की जानकारी मिलते ही श्रद्धालु ने एगरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। इसके बाद एगरा थाने के प्रभारी अरुण कुमार खान के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच शुरू की।
जांच में दो संदिग्ध बाइक सवारों को बैग उठाते हुए देखा गया। बाइक का नंबर ट्रेस कर दोनों संदिग्धों को पकड़ा गया और उनसे सात लाख रुपये के नकद और एक चेकबुक बरामद की गई। पूरी कार्रवाई मात्र 24 घंटे के अंदर पूरी कर ली गई, जिससे पुलिस की सतर्कता और कार्यक्षमता की सराहना हो रही है।

इस्कॉन के प्रभु महावीर मधुसूदन दास ने पुलिस की कार्रवाई की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा, “हमारे लिए यह पैसे केवल रकम नहीं बल्कि भक्तों की श्रद्धा है। पुलिस ने जो तत्परता दिखाई वह प्रशंसनीय है।” उन्होंने बताया कि रथ यात्रा के नौ दिनों में हजारों श्रद्धालुओं से लगभग 9 लाख रुपये का दान प्राप्त हुआ था।
इस मामले ने एक बार फिर दिखाया कि अगर पुलिस ईमानदारी और तकनीक के सहारे कार्रवाई करे, तो कितनी भी जटिल घटना को तेजी से सुलझाया जा सकता है। इस कार्य से एगरा पुलिस ने जनता का विश्वास और सम्मान अर्जित किया है।














Users Today : 23
Users Yesterday : 23