
दुर्गापुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दुर्गापुर परिवर्तन संकल्प सभा में शुक्रवार को अभिनेता व भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई ऊर्जा भरते हुए मंच से स्पष्ट घोषणा की कि वह पूर्ण सक्रियता के साथ मैदान में उतरने को तैयार हैं। उन्होंने सभा स्थल से भावनात्मक और तेजस्वी भाषण देते हुए कहा, “यह जीवन और मरण की अंतिम लड़ाई है।”
मिथुन चक्रवर्ती ने कहा, “इस बार हम सबको मिलकर लड़ना होगा, पीछे हटने का कोई विकल्प नहीं है।” मंच पर आते ही उन्होंने सबसे पहले अपनी चश्मा उतारकर जनता को अभिवादन किया और फिर अपना भाषण शुरू किया। उन्होंने कहा कि “पश्चिम बंगाल की माताएं-बहनें मेरी अपनी हैं।”

उन्होंने सत्तारूढ़ दल पर भ्रष्टाचार और महिला सुरक्षा को लेकर तीखा प्रहार करते हुए कहा, “भ्रष्टाचार तो हर जगह फैला है, कोई कोना खाली नहीं बचा है। क्या माताओं-बहनों की इज्जत की बात करें? वहाँ भी कोई सुनने वाला नहीं है।”
मिथुन ने साफ किया कि वह राजनीति नहीं, बल्कि जननीति करते हैं। यही कारण है कि वे बार-बार बंगाल आते हैं। उन्होंने कहा, “मैं 23 और 24 जुलाई से पूरे राज्य में सक्रिय अभियान शुरू कर दूंगा। लोगों की समस्याएं जानूंगा और उन्हीं के साथ खड़ा रहूंगा।”

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि “अगर पुलिस निष्पक्ष होकर काम करे, तो भाजपा को कोई रोक नहीं सकता।” उन्होंने कहा कि भाजपा हारने वाली पार्टी नहीं है, बल्कि वह लड़ने और जीतने में विश्वास करती है।
सभा के दौरान मोदी-मोदी के नारों के बीच मिथुन का भाषण लोगों में नई उम्मीद जगा गया। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि “इस बार निर्णायक लड़ाई लड़नी है।”
मिथुन चक्रवर्ती की यह घोषणा भाजपा के चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा मानी जा रही है। उनके कथन से स्पष्ट संकेत मिलता है कि भाजपा अब बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस को टक्कर देने के लिए लोकप्रिय चेहरों और जनसंपर्क के माध्यमों का उपयोग कर रही है।
सभा में भारी भीड़ और मिथुन के आक्रामक रुख ने स्पष्ट कर दिया कि पश्चिम बंगाल की राजनीति अब निर्णायक मोड़ पर है और आने वाले महीनों में प्रदेश की सियासी ज़मीन काफी गर्म होने वाली है।














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