
आसनसोल : तृणमूल कांग्रेस की ऐतिहासिक शहीद दिवस रैली 21 जुलाई को कोलकाता के धर्मतला में भव्य रूप से संपन्न हुई। यह आयोजन 1993 में पुलिस गोलीबारी में मारे गए 13 युवा कार्यकर्ताओं की स्मृति में प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है, लेकिन इस वर्ष की रैली एक राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन और आगामी विधानसभा चुनाव 2026 की रणनीति का केंद्र बिंदु बन गई।
रविवार सुबह से ही आसनसोल रेलवे स्टेशन पर तृणमूल समर्थकों की भारी भीड़ देखी गई। हजारों की संख्या में कार्यकर्ता झंडे, बैनर और ढोल-नगाड़ों के साथ ट्रेन में सवार होकर धर्मतला की ओर रवाना हुए। स्टेशन का माहौल एक मिनी रैली स्थल जैसा प्रतीत हो रहा था। विशेष ट्रेनों की व्यवस्था की गई थी, जिससे सभी क्षेत्रों से कार्यकर्ता समय पर रैली स्थल पर पहुंच सकें।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने धर्मतला में उपस्थित लाखों समर्थकों को संबोधित करते हुए साफ शब्दों में कहा कि 2026 में बंगाल एक बार फिर तृणमूल कांग्रेस को सत्ता सौंपेगा। उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि दिल्ली को एक बार फिर बंगाल की आवाज़ सुनाई देगी। ममता ने कहा, “बंगाल झुकेगा नहीं, डरेगा नहीं। 2026 में बोलेगा – एक बार फिर ममता दीदी।”
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में युवाओं, किसानों और अल्पसंख्यकों के लिए नई योजनाओं के संकेत भी दिए, जिनकी औपचारिक घोषणा शीघ्र की जा सकती है। उन्होंने सभी वर्गों से एकजुट होकर लोकतांत्रिक संघर्ष को मजबूत करने का आह्वान किया।

धर्मतला का इलाका तृणमूल समर्थकों से पूर्णतः भर गया था। राज्य के प्रत्येक जिले से आए कार्यकर्ताओं, विशेषकर महिलाओं, युवाओं और छात्रों ने ममता बनर्जी के नेतृत्व में अपनी निष्ठा दोहराई। रैली में अनुशासन और संगठनात्मक शक्ति का अद्भुत प्रदर्शन हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोलकाता पुलिस और पार्टी स्वयंसेवकों ने समन्वय बनाकर भीड़ को नियंत्रित किया। इस विराट आयोजन ने न केवल शहीदों को सम्मान दिया, बल्कि 2026 के लिए तृणमूल की रणनीतिक तैयारी की झलक भी प्रस्तुत की।














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