
दुर्गापुर : श्रावण मास की शुरुआत के साथ ही भक्ति और श्रद्धा का अद्वितीय उदाहरण सामने आया है। पश्चिम बर्धमान जिले के दुर्गापुर नादिहार नारायणपुर के रहने वाले 19 वर्षीय युवक शिव अंकुरे ने रस्सी काटकर कर्नाटक स्थित आदि योगी धाम की ओर लगभग 2050 किलोमीटर की पैदल यात्रा शुरू कर दी है। यह यात्रा उसने पूर्ण श्रद्धा और तपस्या की भावना से शुरू की है।
शिव अंकुरे ने कहा कि वह गूगल मैप की मदद से रास्ता देख रहा है और उसे इस यात्रा में कितना समय लगेगा, यह नहीं पता। वह मानता है कि यह यात्रा दो से तीन वर्षों तक भी चल सकती है। शिव का कहना है कि वह रास्ते में किसी मंदिर या सड़क किनारे विश्राम करेगा और अगले दिन पुनः यात्रा शुरू करेगा।

परिवार में चिंता, लेकिन आस्था पर विश्वास
शिव की मां रीना अंकुरे का कहना है कि जब बेटे ने पहली बार इस संकल्प की बात की, तो वह घबरा गई थीं। लेकिन बेटे की जिद और भोले बाबा के प्रति उसकी आस्था को देखकर उन्होंने अंततः उसे अनुमति दे दी। रीना ने देशवासियों से अपील की कि अगर कोई रास्ते में उनके बेटे से मिले तो उसकी यथासंभव मदद करें, ताकि वह आदि योगी धाम पहुंचकर सुरक्षित वापस लौट सके।

दादी का दावा – मानव कल्याण के लिए लिया कठिन संकल्प
शिव की दादी कल्पना अंकुरे ने कहा कि उनका पोता इस यात्रा के माध्यम से मानव कल्याण की भावना लेकर निकला है। उन्होंने कहा कि यह कोई सामान्य धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक तपस्या है।
रस्सी काटने की है मान्यता
शिव ने बताया कि उसने देवी-देवताओं से रस्सी काटने का व्रत लिया है, और उसी संकल्प के तहत पैदल यात्रा शुरू की है। उसका उद्देश्य पूर्ण श्रद्धा और त्याग के साथ शिव धाम तक पहुँचना है।
हाल में सामने आए हैं ऐसे और भी उदाहरण
कुछ दिन पूर्व उत्तर 24 परगना के बदुरिया से शंभू कहार रस्सी काटकर केदारनाथ की ओर पैदल रवाना हुए थे। अब शिव अंकुरे की यह अभूतपूर्व यात्रा पश्चिम बंगाल के युवाओं में भक्ति और संकल्प की नई मिसाल बनकर सामने आई है।शिव की यात्रा अब लोगों में जिज्ञासा और आस्था का केंद्र बन चुकी है।














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