
आसनसोल : गुरुवार को अवैध बालू तस्करी को लेकर एक बार फिर राजनीतिक घमासान छिड़ गया। आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट की ओर से चलाए गए अभियान के तहत डामरा घाट इलाके से 10 ट्रैक्टर अवैध बालू जब्त कर आसनसोल दक्षिण थाना को सौंपे गए। इस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस नेता शाह आलम ने प्रशासन पर तीखा हमला बोला और इसे “महज दिखावे की कार्रवाई” बताया।
कांग्रेस नेता ने कहा, “यह केवल जनता को दिखाने के लिए किया गया है। हकीकत में बालू माफिया अब भी बेलगाम हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि केवल 10 ट्रैक्टर जब्त कर पुलिस अपनी पीठ थपथपा रही है, जबकि उसी समय बालू से लदे अन्य कई ट्रैक्टर कथित रूप से पुलिस की आंखों के सामने से निकल गए। शाह आलम ने बताया कि जब पुलिस द्वारा जब्त किए गए ट्रैक्टरों को पुलिस लाइन के पास खड़ा किया गया, तो उन्होंने स्वयं देखा कि बालू माफिया मोटरसाइकिलों पर उन ट्रैक्टरों का पीछा कर रहे थे और उन्हें छुड़वाने की कोशिश में लगे थे।

उन्होंने सवाल उठाया, “कौन गिन रहा है कि कार्रवाई की आड़ में कितने ट्रैक्टर बालू की तस्करी कर दी गई?” उनका कहना था कि यदि प्रशासन सच में ईमानदार होता, तो इतनी बड़ी मात्रा में बालू की चोरी संभव ही नहीं होती। उन्होंने यह भी कहा कि माफियाओं की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के बजाय, उन्हें बचाने की कोशिश की जा रही है।
हालांकि, इस आरोप के जवाब में आसनसोल नगर निगम के एमएमआईसी गुरदास चटर्जी ने बयान देते हुए कहा कि “बंगाल की पुलिस को हर कोई चोर कहता है, लेकिन यह साबित हो गया कि पुलिस अपना कर्तव्य निभा रही है। अगर पुलिस सक्रिय नहीं होती, तो ये जब्ती संभव नहीं होती।”

इधर, स्थानीय लोगों में भी इस मुद्दे को लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया है। कुछ का कहना है कि पुलिस को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, जबकि कुछ लोग इसे प्रशासन की मिलीभगत का नतीजा मानते हैं।
फिलहाल, इस घटनाक्रम ने अवैध बालू तस्करी को लेकर एक बार फिर शासन, प्रशासन और राजनीति के त्रिकोण को केंद्र में ला दिया है। जनता उम्मीद कर रही है कि यह केवल दिखावा नहीं, बल्कि शुरुआत हो वास्तविक नियंत्रण की।














Users Today : 23
Users Yesterday : 23