
आसनसोल : गुरुवार को एक बार फिर से आसनसोल-दुर्गापुर औद्योगिक पट्टी में एमवीआई (मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर) की अवैध वसूली और मनमानी का मुद्दा गरमा गया। ओवरलोड और ओवरहाइट वाहनों को दलालों के माध्यम से “सेटिंग” कर अवैध रूप से एंट्री देने का खेल खुलेआम चल रहा है। हाईवे किनारे हर होटल और ढाबे के पास दलालों ने बाकायदा एमवीआई “एंट्री सेवा केंद्र” खोल रखे हैं, जहां हर तरह के वाहन के लिए अलग-अलग रेट तय हैं।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, वाहन चालक ओवर लोड या ओवर हाइट वाहन लेकर आएं या बिना वैध कागजात के, दलाल तय रकम लेकर गाड़ी का नंबर एमवीआई अधिकारी को मोबाइल मैसेज करते हैं। इसके बाद वाहन को बिना रोकटोक आगे बढ़ने दिया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में कीपैड मोबाइल का प्रयोग किया जाता है ताकि किसी प्रकार की डिजिटल निगरानी न हो सके। आरोप है कि इस अवैध वसूली तंत्र में तैनात अधिकारियों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण न सिर्फ आम जनता बल्कि स्थानीय पुलिस भी उनके खिलाफ कार्रवाई करने से कतराती है।

एमवीआई द्वारा वाहनों का पीछा करने, ओवरटेक कर रोकने की घटनाएं अब आम हो चुकी हैं। इस तरह की कार्रवाई से हाईवे पर दुर्घटनाएं बढ़ गई हैं। कई मामलों में एमवीआई की गाड़ी द्वारा पीछा किए जाने के कारण ट्रक पलटने या अन्य वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने की घटनाएं सामने आई हैं। लेकिन हादसे के बाद एमवीआई अधिकारी मौके से भाग जाते हैं, जिससे पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पाता।
आम लोगों का कहना है कि एमवीआई अब कानून का पालन कराने वाले नहीं बल्कि खुद कानून तोड़ने वाले बन चुके हैं। सड़क पर मारपीट, धमकी देना और जबरन पैसे छीनने की घटनाएं आम हो गई हैं। वाहन चालकों का कहना है कि दिन-रात काम कर वह दो पैसे कमाते हैं, लेकिन एमवीआई की अवैध वसूली ने उनके जीवन को संकट में डाल दिया है।

स्थानीय ट्रक यूनियनों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से इस “डंडा टैक्स” और दलाल-एमवीआई गठजोड़ की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि यह भ्रष्टाचार अब बर्दाश्त से बाहर हो गया है। यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।
आसनसोल की सड़कों पर यह अव्यवस्था केवल प्रशासन की निष्क्रियता का परिणाम नहीं है, बल्कि भ्रष्टाचार की गहरी जड़ें और राजनीतिक संरक्षण इसका प्रमुख कारण है। आम नागरिकों को उम्मीद है कि शासन-प्रशासन इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान देगा और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करेगा।














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