
पूर्व बर्धमान : जिले की राजनीति में गुरुवार को उस समय भूचाल आ गया, जब युवा तृणमूल कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष और पेशे से वकील शुभेंदु कुमार दास उर्फ सुमन को पार्टी से आजीवन निष्कासित कर दिया गया। यह कार्रवाई तब की गई जब उन्होंने हाल ही में 4 जुलाई को पूर्व बर्धमान के कटवा में हुए विस्फोट मामले की एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) से जांच कराने की मांग करते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की थी।
तृणमूल कांग्रेस के पूर्व बर्धमान जिला अध्यक्ष रवींद्रनाथ चटर्जी ने पत्रकारों को बताया कि यह निर्णय पार्टी के महासचिव अभिषेक बनर्जी के निर्देश पर लिया गया है। उन्होंने बताया कि शुभेंदु दास को “पार्टी विरोधी गतिविधियों” में संलिप्तता के आरोप में निष्कासित किया गया है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि एनआईए जांच की माँग करना ही निष्कासन का मुख्य कारण है या कोई अन्य आंतरिक कारण भी शामिल है।

शुभेंदु कुमार दास ने अपने निष्कासन पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा, “मैंने यह याचिका एक जिम्मेदार नागरिक और एक वकील के नाते दायर की है। मैंने न तो अपने याचिका में तृणमूल कांग्रेस का कोई उल्लेख किया है और न ही पार्टी पद का हवाला दिया है। यह याचिका पूरी तरह से जनहित में है, क्योंकि बम विस्फोट जैसी घटनाएँ गंभीर राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला हैं, जिसकी जाँच केवल एनआईए जैसी एजेंसी ही निष्पक्ष रूप से कर सकती है।”
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देना दुर्भाग्यपूर्ण है और यह लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए चिंताजनक है। उल्लेखनीय है कि 4 जुलाई को कटवा में हुए एक रहस्यमय विस्फोट से क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी, जिसमें कई लोग घायल हुए थे। इस घटना ने कानून-व्यवस्था और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिह्न खड़े किए थे।

अब शुभेंदु के निष्कासन ने तृणमूल कांग्रेस के अंदरूनी राजनीति और असहमति की स्वीकृति को लेकर बहस छेड़ दी है। पार्टी के भीतर इस निर्णय को लेकर मतभेद की खबरें सामने आ रही हैं, जबकि समर्थक इसे कठोर लेकिन अनिवार्य कार्रवाई बता रहे हैं।














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