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ऋण न चुकाने पर इंडियन बैंक ने फ्लैट पर किया कब्जा

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आसनसोल :  इंडियन बैंक ने सोमवार को सरफेसी अधिनियम 2002 के अंतर्गत ऋण की वसूली हेतु आसनसोल के लोअर कुमारपुर स्थित ओंकार वैली अपार्टमेंट के एक फ्लैट पर कानूनी प्रक्रिया के तहत कब्जा कर लिया। यह कार्रवाई बैंक के ₹12 लाख के बकाया ऋण की वसूली के लिए की गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, फ्लैट के मालिक आशीष बनर्जी और उनकी पत्नी तारुलता बनर्जी ने वर्ष 2023 में इंडियन बैंक की आसनसोल बाजार शाखा से ₹12 लाख का ऋण लिया था। समय पर ऋण की किश्तें न चुकाने के कारण उनका खाता वर्ष 2024 में एनपीए (नॉन परफॉर्मिंग एसेट) घोषित कर दिया गया था। इसके बाद बैंक ने कानूनी प्रावधानों के अनुसार सरफेसी अधिनियम के अंतर्गत संपत्ति अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की।

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इस प्रक्रिया के तहत बैंक ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम), आसनसोल से अनुमति प्राप्त कर अधिवक्ता सुदीप्त घटक को संपत्ति अधिग्रहण का प्रतिनिधि नियुक्त किया। सोमवार को बैंक की टीम, पुलिस बल की उपस्थिति में, ओंकार वैली अपार्टमेंट स्थित उक्त फ्लैट पर पहुँची और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए सुरक्षा के बीच कानूनी कब्जा ले लिया गया।

कब्जे के पश्चात संपत्ति को इंडियन बैंक के चीफ मैनेजर प्रशांत त्रिपाठी को औपचारिक रूप से सुपुर्द किया गया। इस अवसर पर रिकवरी एजेंट राजीव बनर्जी, श्रेया और अधिवक्ता संग्राम सिंह, दिनेश सेन, शुभंकर लाहिरी तथा बिप्लब भट्टाचार्य भी उपस्थित थे।

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बैंक के चीफ मैनेजर प्रशांत त्रिपाठी ने बताया कि सरफेसी अधिनियम के तहत बैंक को यह अधिकार प्राप्त है कि अगर ऋणदाता समय पर भुगतान नहीं करता, तो बैंक संपत्ति पर कब्जा कर वसूली की प्रक्रिया आरंभ कर सकता है। उन्होंने कहा कि बैंक हमेशा ऋण भुगतान के लिए अवसर देता है, परंतु समाधान न होने की स्थिति में कानूनी कदम उठाना अनिवार्य हो जाता है।

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