
आसनसोल : मंगलवार को आसनसोल नगर निगम की जुलाई माह की बोर्ड बैठक चेयरमैन अमरनाथ चटर्जी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। यह बैठक जन समस्याओं को लेकर कई मायनों में महत्वपूर्ण रही, जहाँ पार्षदों ने खुलकर मुद्दे उठाए और निगम प्रशासन ने जवाबदेही के संकेत दिए। डिप्टी मेयर वसीम उल हक, अभिजीत घटक, मेयर परिषद के सदस्य, बोरो चेयरमैन और सभी वार्डों के पार्षद बैठक में उपस्थित थे।
मजदूरों को वेतन नहीं मिलना, चेयरमैन ने ठेकेदार पर जताई सख्ती
बैठक के बाद प्रेस को जानकारी देते हुए चेयरमैन अमरनाथ चटर्जी ने PHE ब्रिज के आसपास काम कर रहे मज़दूरों को वेतन नहीं मिलने की शिकायतों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “यह अत्यंत गंभीर मामला है। संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है और उसे ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया प्रगति में है। भविष्य में किसी भी ठेकेदार को मज़दूरों के हक का हनन नहीं करने दिया जाएगा।”इस बयान ने नगर निगम की गंभीरता को रेखांकित किया, लेकिन साथ ही यह सवाल भी उठाया कि यह स्थिति पहले क्यों बनी?

जल संकट नहीं, टैंकरों से हो रही आपूर्ति
वर्तमान में विभिन्न क्षेत्रों में जलापूर्ति को लेकर नागरिकों में असंतोष है, लेकिन चेयरमैन ने इन खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया, “आसनसोल के किसी भी क्षेत्र में पानी की किल्लत नहीं है। जहाँ PHE की पाइपलाइनें अस्थायी रूप से बाधित हैं, वहाँ नगर निगम नियमित रूप से टैंकरों से पानी पहुंचा रहा है। किसी को भी प्यासा नहीं रहने दिया जाएगा।”उन्होंने यह भी कहा कि गर्मी और बरसात के संधिकाल में निगम ने वैकल्पिक जल आपूर्ति को प्राथमिकता दी है।
जल निकासी और नालियों की सफाई होगी प्राथमिकता में
बरसात का मौसम दस्तक दे चुका है और जलभराव की समस्या पर भी बैठक में विशेष फोकस किया गया। चेयरमैन ने बताया कि कई क्षेत्रों से जलजमाव की शिकायतें मिली हैं। “अब इन इलाकों को प्राथमिकता सूची में डालकर निकासी व्यवस्था को सुधारा जाएगा। नालियों की समय पर सफाई, अवरोधों को हटाना और स्लैबों की मरम्मत का कार्य तेज किया जाएगा।”जलनिकासी की इस कार्य योजना को लेकर बोरो अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि क्षेत्रीय समस्याओं को चिन्हित कर एक हफ्ते के भीतर कार्रवाई प्रारंभ हो।

सड़कों की हालत पर विशेष बैठक का ऐलान
बैठक में चेयरमैन ने यह घोषणा भी की कि जल्द ही सड़कों की मरम्मत और निर्माण कार्य को लेकर एक विशेष बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें वार्डवार योजना बनाई जाएगी। यह घोषणा पार्षदों द्वारा सड़कों की बदहाली पर उठाई गई तीखी आवाज़ों के बाद आई। कई पार्षदों ने अधूरी सड़कें, गड्ढों से भरे रास्ते और निर्माण कार्यों में देरी पर चिंता जताई।
पार्षदों ने रखी स्थानीय समस्याएं
बैठक के दौरान पार्षदों ने अपने-अपने क्षेत्रों की जमीनी समस्याओं को मजबूती से रखा –नालियों की सफाई में लापरवाही,जलजमाव से नागरिकों को हो रही परेशानी,स्ट्रीट लाइट्स की खराबी और कई इलाकों में अंधकार,निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा का उल्लंघन,इन मुद्दों पर निगम अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
जनता को राहत की उम्मीद, निगम पर ज़िम्मेदारी का बोझ
इस बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णयों से जनता को राहत की उम्मीद बंधी है। चेयरमैन के बयानों ने यह संकेत तो दिया कि निगम प्रशासन अब सजग है, परंतु जनता की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि ज़मीनी स्तर पर इन फैसलों का क्रियान्वयन कितनी तत्परता से होगा। यदि नगर निगम इन वायदों को समय पर पूरा करता है तो शहर की छवि और जनता का भरोसा दोनों मजबूत होंगे।अभी के लिए निर्णयों की घोषणाएं हो चुकी हैं, अब अगली कसौटी होगी इनका अमल — क्योंकि बोर्ड बैठक में उठी आवाजें अब शहर के हर मोहल्ले में गूंज रही हैं।














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