
आसनसोल : आसनसोल नगर निगम में एक बार फिर जन समस्याओं को लेकर नाराज़गी फूट पड़ी है। इस बार ग़ुस्से की अगुवाई पश्चिम बर्दवान जिला कांग्रेस सेवा दल ने की, जिसने मंगलवार को नगर निगम कार्यालय के मुख्य परिसर में ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन की निष्क्रियता और बदहाल मूलभूत सुविधाओं को लेकर मेयर के चेंबर के सामने ही धरना दिया और नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी की।इस आंदोलन का नेतृत्व युवा कांग्रेस नेता शोभिक मुखर्जी ने किया, जिन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए नगर निगम पर सीधे आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “आसनसोल जैसे बड़े शहर में आज भी नागरिक पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। कई मोहल्लों में हफ्तों तक पानी नहीं आता, और जहां आता है, वहां उसकी मात्रा बेहद कम होती है। इसके अलावा, शहर में नियमित नाली सफाई नहीं होने से दुर्गंध और गंदगी से लोग बीमार हो रहे हैं।”
पानी, नाली और सड़कों की बदहाली बना आंदोलन का आधार
शोभिक मुखर्जी ने नगर निगम की लापरवाही पर तीखा हमला करते हुए कहा कि शहर की सड़कों की हालत भी जर्जर हो चुकी है। कई मुख्य मार्गों और अंदरूनी गलियों में बड़े-बड़े गड्ढे हैं, जिनके कारण वाहन चालकों और पैदल चलने वालों दोनों को ही मुश्किलें हो रही हैं। “दुर्घटनाएं अब आम हो गई हैं और निगम हाथ पर हाथ धरे बैठा है,” उन्होंने जोड़ा।कार्यकर्ताओं के मुताबिक़, जब वे इन मुद्दों को लेकर नगर निगम के मेयर श्री विधान उपाध्याय से मिलने गए, तो उन्हें समय नहीं दिया गया। इस उपेक्षा से आक्रोशित होकर कांग्रेस सेवा दल के सदस्यों ने मेयर के चेंबर के बाहर ही बैठकर धरना शुरू कर दिया।“जब जनता की आवाज़ को सुनने के लिए भी मेयर के पास समय नहीं है, तो यह लोकतंत्र का कैसा नमूना है?” – शोभिक ने सवाल उठाया।

हाथों में पोस्टर, मुंह पर नाराज़गी
धरने में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे। उन्होंने हाथों में पोस्टर और तख्तियाँ ले रखी थीं, जिन पर लिखा था –“जल संकट नहीं सहेगा आसनसोल!”,“मेयर साहब, अब तो जागिए!”,“जनता बेहाल, निगम बेहिसाब!”धरने में शामिल कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह आंदोलन किसी दल विशेष के लिए नहीं बल्कि आम जनता की आवाज़ को बुलंद करने के लिए है। उनका कहना था कि प्रशासन बार-बार वादे करता है लेकिन ज़मीनी हकीकत नहीं बदलती।
स्थानीय लोगों का भी समर्थन
स्थानीय नागरिकों ने भी कांग्रेस सेवा दल के इस कदम को समर्थन देते हुए कहा कि नगर निगम की निष्क्रियता अब बर्दाश्त के बाहर है। वार्ड नंबर 29 निवासी संजय शर्मा ने कहा, “हमारे इलाके में 10 दिनों से पानी की आपूर्ति ठप है। शिकायत करने पर कोई सुनवाई नहीं होती। ऐसे में यदि कोई दल हमारी आवाज़ बनता है, तो हम उसका समर्थन करेंगे।”
वार्ड नंबर 34 की निवासी सीमा देवी ने कहा, “पानी न आने के कारण हमें दूर-दराज़ के इलाकों से बाल्टियों में पानी ढोना पड़ता है। निगम को हमारी परेशानियाँ नज़र नहीं आतीं। अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो महिलाएँ भी सड़कों पर उतरेंगी।”

आंदोलन को और तेज़ करने की चेतावनी
धरने के समापन पर शोभिक मुखर्जी ने नगर निगम को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अगले सात दिनों के भीतर निगम मूलभूत समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं करता, तो कांग्रेस सेवा दल पूरे शहर में जन आंदोलन छेड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन अब केवल एक दिन का प्रदर्शन नहीं रहेगा बल्कि चरणबद्ध तरीके से पूरे शहर में “जन-जागरण यात्रा” निकाली जाएगी, जिसमें नागरिकों को निगम की विफलता के बारे में जागरूक किया जाएगा।
नगर निगम की चुप्पी सवालों के घेरे में
दूसरी ओर, निगम प्रशासन की तरफ से अब तक कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई है। मेयर श्री विधान उपाध्याय धरने के समय कार्यालय में मौजूद नहीं थे, जिससे नाराज़ कार्यकर्ताओं का ग़ुस्सा और भड़क गया। नगर निगम के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि “हम समस्याओं को हल करने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं, लेकिन कुछ तकनीकी बाधाओं के कारण देरी हो रही है।”














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