
आसनसोल : आसनसोल नगर निगम क्षेत्र में लगातार बिगड़ती जल आपूर्ति व्यवस्था को लेकर बुधवार को मेयर बिधान उपाध्याय की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक मेयर के चेंबर में हुई, जिसमें नगर निगम के सभी एमएमआईसी, जल विभाग के अधिकारी एवं संबंधित ठेकेदार उपस्थित रहे।बैठक का मुख्य उद्देश्य था— नगर निगम क्षेत्र में पीने के पानी की आपूर्ति को स्थायी और व्यवस्थित बनाना। मेयर बिधान उपाध्याय ने बैठक के बाद जानकारी दी कि जल आपूर्ति से जुड़ी तमाम समस्याओं को लेकर गहन चर्चा की गई है और अमरुत 2.0 योजना को शीघ्रातिशीघ्र पूर्ण करने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि वर्ष 2026 के मार्च तक इस योजना को कार्यरूप दे दिया जाएगा।

रेलपार इलाके में जल संकट की चर्चा करते हुए उपाध्याय ने बताया कि पानी की शुद्धिकरण प्रक्रिया जिस डिहिका क्षेत्र में होती है, वहां डीवीसी द्वारा अत्यधिक पानी छोड़े जाने की वजह से गंदगी और अवरोध उत्पन्न हुआ था, जिससे आपूर्ति में बाधा आई। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्थिति अब लगभग सामान्य हो चुकी है और कुछ क्षेत्रों में सुधार दिखने भी लगा है।

बैठक में निगम चेयरमैन अमरनाथ चटर्जी ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि नगर निगम ने कई जल परियोजनाओं का वर्क ऑर्डर पहले ही जारी कर दिया है, लेकिन लगातार हो रही वर्षा के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। अब वर्षा में थोड़ी कमी आते ही, इन कार्यों को प्राथमिकता देते हुए तीव्र गति से पूरा किया जाएगा।चटर्जी ने आगे कहा कि निगम हर मोहल्ले में पेयजल पहुंचाने को लेकर कटिबद्ध है। पाइपलाइन विस्तार, पुराने पाइपों की मरम्मत, पंपिंग स्टेशनों की क्षमता वृद्धि और जलाशयों की सफाई जैसे कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूर्ण किया जाएगा।
इस मौके पर उपस्थित एमएमआईसी सदस्यों और जल विभाग के अधिकारियों ने भी क्षेत्रवार रिपोर्ट प्रस्तुत की और वार्ड स्तर पर उत्पन्न हो रही समस्याओं का विस्तृत विवरण दिया। कई अधिकारियों ने यह भी कहा कि जनता की शिकायतों को प्राथमिकता देकर उनके त्वरित समाधान की दिशा में काम चल रहा है।मेयर ने ठेकेदारों को चेतावनी देते हुए कहा कि जो कार्य निर्धारित समय में पूरा नहीं होंगे, उनकी जवाबदेही तय की जाएगी और कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक के अंत में यह भी तय किया गया कि जल संकट से जुड़े कार्यों की निगरानी के लिए एक विशेष टीम बनाई जाएगी, जो हर सप्ताह अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।नगर निगम के इस रुख से शहरवासियों को बड़ी राहत की उम्मीद है, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां लंबे समय से पानी की आपूर्ति बाधित रही है।














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