
सालानपुर : अल्लादी ग्राम पंचायत के बाराभुई इलाके में बुधवार को त्रिपाल वितरण की मांग को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश भड़क उठा। तेज़ बारिश से प्रभावित आदिवासी समुदाय के लगभग 60 महिला-पुरुष पंचायत कार्यालय पहुंचे, लेकिन पंचायत प्रधान की अनुपस्थिति से निराश होकर सीधे रामचंद्रपुर स्थित उनके निवास पहुंच गए।गौरतलब है कि पंचायत प्रधान प्रशिक्षण के कारण दो दिनों से आसनसोल में थे, ऐसे में उप मुखिया से जब ग्रामीणों ने त्रिपाल की मांग की तो उन्होंने असमर्थता जताई। इसके बाद ग्रामीणों ने प्रधान के घर के बाहर प्रदर्शन शुरू किया और वहां घंटों तक डटे रहे। इस दौरान कथित रूप से ग्रामीण महिलाओं के साथ अपमानजनक भाषा में व्यवहार किया गया, जिससे मामला और गरमा गया।

उज्ज्वल मंडल का बयान : घर पर प्रदर्शन अनुचित
मुखिया के सहयोगी उज्ज्वल मंडल ने कहा, “पंचायत में किसी भी प्रकार की मांग की जा सकती है, लेकिन किसी के निजी आवास पर जाकर प्रदर्शन करना उचित नहीं है।” उन्होंने कहा कि घर में छोटे बच्चे और बुजुर्ग मौजूद थे, जिससे वहां भय और असुरक्षा का माहौल बन गया। उज्ज्वल मंडल ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रधान के लौटने पर इस विषय में पुलिस प्रशासन से शिकायत की जाएगी।

प्रशासन ने किया त्रिपाल वितरण का बचाव
इस मामले में सालानपुर बीडीओ देबांजन विश्वास ने बताया कि जैसे हर वर्ष, इस बार भी प्रशासन ने व्यापक स्तर पर त्रिपाल वितरित किए हैं। उन्होंने त्रिपाल की कमी संबंधी शिकायत को तथ्यहीन बताते हुए कहा कि फिर भी मामले की तथ्यों के आधार पर जांच कराई जाएगी।

त्रिपाल वितरण की प्रक्रिया को लेकर भी उठे सवाल
उज्ज्वल मंडल ने कहा कि त्रिपाल का वितरण सीधा पंचायत स्तर पर न होकर प्रखंड और पंचायत समिति स्तर से किया जाता है, जिसमें तृणमूल कार्यालय और सामाजिक संगठनों की भी भागीदारी रहती है। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों में से कई लोगों को पहले ही त्रिपाल दिए जा चुके हैं।
ग्रामीणों की मांग स्पष्ट : बारिश में मिले तात्कालिक राहत
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में उनके घरों की हालत दयनीय हो चुकी है और प्रशासन से तत्काल राहत की आवश्यकता है। वे चाहते हैं कि प्रधान गांव में आकर स्वयं स्थिति का जायजा लें।














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