
आसनसोल : शनिवार को आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट ने स्पष्ट किया कि सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों के विरुद्ध सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह बयान पुलिस आयुक्त सुनील कुमार चौधरी ने एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान दिया। उन्होंने कहा कि गत गुरुवार को दुर्गापुर के कोक ओवेन थाना क्षेत्र स्थित गेमन ब्रिज के समीप भाजपा युवा मोर्चा से जुड़े कुछ नेताओं ने पशु वाहन को रोककर उसमें सवार अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के साथ मारपीट की थी, जिसकी गंभीरता से जांच की जा रही है।
पुलिस आयुक्त ने जानकारी दी कि घटना में शामिल भाजयुमो नेता परिजात गांगुली, दीपक दास और उनके 15 समर्थकों ने बांकुड़ा के आचुरिया हाट से मवेशी खरीदकर घर लौट रहे कुछ लोगों पर हमला किया। आरोपियों ने न केवल पीड़ितों की पिटाई की, बल्कि उनके पास मौजूद दस्तावेजों को नज़रअंदाज़ करते हुए पशु-तस्करी का झूठा आरोप भी लगाया।

उन्होंने बताया कि जांच में यह पुष्टि हुई है कि पीड़ितों के पास मवेशियों की खरीदारी के सभी वैध दस्तावेज मौजूद थे। इसके बावजूद भाजपा समर्थकों ने पिकअप वैन को जबरन रोक कर गाड़ी में बैठे लोगों के साथ बर्बरता की। मारपीट के दौरान वाहन चालक को जबरन नीचे उतारा गया और कुछ पीड़ितों के हाथ बांधकर उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया। कान पकड़वाकर सरेआम उन्हें प्रताड़ित किया गया, जो न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि सामाजिक सौहार्द को चोट पहुंचाने वाला कृत्य भी है।
घटना के बाद से इलाके में तनाव का माहौल बन गया था। तत्काल पुलिस ने मोर्चा संभाला और स्थिति को नियंत्रित किया। मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अब तक दीपक दास और अनीस भट्टाचार्य को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अन्य आरोपियों की भी तलाश कर रही है और शीघ्र ही सभी को न्याय के कठघरे में लाने का भरोसा दिलाया गया है।
सीपी सुनील कुमार चौधरी ने कहा कि किसी भी धर्म, जाति या समुदाय के विरुद्ध दुर्भावनापूर्ण कार्य पुलिस के लिए असहनीय है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि अफवाहों से दूर रहें और किसी प्रकार की घटना या संदेहास्पद गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश करेगा या समाज के सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश करेगा, तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना ने एक बार फिर पशु-तस्करी के नाम पर अल्पसंख्यकों पर हमले और कानून व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े किए हैं। सामाजिक संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि क्षेत्र में शांति बहाल रखने के लिए सभी संवेदनशील इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। पुलिस लगातार निगरानी रख रही है ताकि किसी प्रकार की अफवाह या हिंसक प्रतिक्रिया को रोका जा सके।
प्रशासन की ओर से यह भी बताया गया है कि पीड़ितों को आवश्यक सहायता और सुरक्षा प्रदान की जा रही है। घटना को लेकर राजनीतिक दलों में भी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। विपक्षी दलों ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह जाति और धर्म के नाम पर समाज में बंटवारा कर रही है। वहीं भाजपा नेतृत्व ने अब तक इस विषय में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।














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