
जामुड़िया : जामुड़िया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चिंचुड़िया गाँव के बागदीपाड़ा इलाके में डायरिया जैसी गंभीर बीमारी ने दस्तक दे दी है। पिछले कुछ दिनों से इलाके में बुखार, दस्त, उल्टी और संक्रमण के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। कई पीड़ितों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती भी कराना पड़ा है।
इस स्थिति को देखते हुए चिंचुड़िया पंचायत के उप-प्रधान सोमनाथ चक्रवर्ती ने आशाकर्मी और वीआरपी (स्वयंसेवी ग्रामीण कार्यकर्ता) की टीम के साथ क्षेत्र का दौरा किया। उनके साथ स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर दिलीप सिंह भी मौजूद थे। अधिकारियों ने बागदीपाड़ा के संक्रमित हिस्सों में दवा और कीटनाशक का छिड़काव कराया और हर पीड़ित परिवार को ओआरएस और जरूरी दवाइयाँ वितरित की गईं। इसके साथ ही लोगों को स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में पीने के पानी की भारी समस्या उत्पन्न हो गई है। कुछ दिन पहले आसनसोल के कलाझरिया स्थित पीएचई (जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी) का पंपहाउस टूट गया था, जिससे आसनसोल और जामुड़िया क्षेत्र के कई हिस्सों में जल आपूर्ति बाधित हो गई। इसका सीधा असर चिंचुड़िया के लोगों पर पड़ा, जिन्हें मजबूरी में कुएँ का पानी पीना पड़ रहा है।
आशंका जताई जा रही है कि यह दूषित पानी ही संक्रमण और डायरिया फैलने की मुख्य वजह हो सकता है। डॉक्टरों और आशाकर्मियों के अनुसार, दूषित जल के सेवन से पेट संबंधी बीमारियाँ और संक्रमण तेजी से फैलते हैं। प्राथमिक जांच में भी यही संकेत मिले हैं।
पंचायत उप-प्रधान सोमनाथ चक्रवर्ती ने बताया कि इस परिस्थिति से निपटने के लिए त्वरित कार्रवाई की गई है। स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय कर इलाके में पानी के सैंपल एकत्र किए गए हैं, जिन्हें कल्याणेश्वरी स्थित सरकारी लैब भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बीमारी का कारण दूषित पानी है या कुछ और।

उन्होंने यह भी कहा कि गाँव के प्रत्येक घर में जाकर लोगों को शौचालय के उपयोग, घर के आसपास गंदा पानी जमा न होने देने और हाथ धोने की आदत डालने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। साथ ही, पंचायत की ओर से अस्थायी तौर पर स्वच्छ जल की आपूर्ति की व्यवस्था भी की जा रही है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि जब तक पीएचई की जलापूर्ति बहाल नहीं होती, तब तक टैंकर के माध्यम से स्वच्छ पानी की व्यवस्था की जाए। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने इस क्षेत्र को संवेदनशील घोषित कर सतर्कता बढ़ा दी है और अगले कुछ दिनों तक निगरानी रखने का निर्णय लिया है।














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