आसनसोल : शनिवार को आसनसोल स्थित काजी नजरूल विश्वविद्यालय के 14वें स्थापना दिवस का भव्य आयोजन विश्वविद्यालय परिसर में हुआ। इस अवसर पर राज्य के मंत्री मलय घटक, जिला शासक एस. पोन्नबलम, आसनसोल नगर निगम के डिप्टी मेयर अभिजीत घटक, चेयरमैन अमरनाथ चटर्जी तथा जिला प्रशासन के अन्य विशिष्ट अधिकारी उपस्थित रहे। पूरे परिसर में उत्साह और गर्व का वातावरण देखने को मिला।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री मलय घटक ने कहा कि देखते-देखते 14 वर्ष बीत गए जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शपथ ग्रहण करने के बाद घोषणा की थी कि आसनसोल में विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। ममता बनर्जी ने जो वादा किया, उसे निभाया और एससी-एसटी हॉस्टल से इस विश्वविद्यालय के कार्यों की शुरुआत हुई। धीरे-धीरे विश्वविद्यालय ने विस्तार पाया और आज यहां आधुनिक भवन, विस्तृत पाठ्यक्रम तथा विभिन्न विषयों की पढ़ाई के साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
मंत्री ने आगे कहा कि काजी नजरूल इस्लाम जैसे महान व्यक्तित्व के नाम पर स्थापित यह विश्वविद्यालय न केवल शिक्षा का केंद्र है, बल्कि साहित्य, संस्कृति और समाजिक चेतना का भी प्रतीक है। उन्होंने शिक्षकों और शिक्षा कर्मियों से आग्रह किया कि वे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दें और इस संस्थान को उच्चता की नई ऊंचाइयों तक पहुँचाने में योगदान दें।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि कानून मंत्रालय के अंतर्गत आने वाला एक विधि विश्वविद्यालय आज देश में दूसरे स्थान पर है और उनका लक्ष्य इसे प्रथम स्थान पर पहुँचाना है। उसी प्रकार काजी नजरूल विश्वविद्यालय को भी प्रदेश और देश के श्रेष्ठ विश्वविद्यालयों की श्रेणी में लाना आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार पाने का साधन नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने का माध्यम है। यहां से निकलने वाले विद्यार्थी क्षेत्र और राज्य का नाम रोशन करें, यही इस विश्वविद्यालय की असली पहचान होगी।

स्थापना दिवस के मौके पर विश्वविद्यालय परिवार ने संकल्प लिया कि आने वाले वर्षों में शिक्षा, अनुसंधान और सामाजिक योगदान के क्षेत्र में यह संस्थान और अधिक प्रगति करेगा। पूरा समारोह उत्साह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और शिक्षाविदों के प्रेरणादायक संदेशों से सराबोर रहा।


















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