आसनसोल : रविवार को आसनसोल जिला अस्पताल में इलाज के दौरान एक किशोर की मौत हो जाने से पूरे परिसर में अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया। मृतक के परिजनों ने चिकित्सकों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। परिजनों का कहना है कि यदि समय पर सही इलाज किया जाता तो उनके बेटे की जान बच सकती थी।
घटना की जानकारी मिलते ही एसीपी के नेतृत्व में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और हालात पर काबू पाया। पुलिस ने गुस्साए परिजनों और भीड़ को समझाने-बुझाने का प्रयास किया और किसी तरह स्थिति को सामान्य किया।
मृतक किशोर की पहचान 17 वर्षीय मंगल हेंब्रम के रूप में हुई है, जो बिदोनी हेंब्रम का पुत्र था। परिवार ने बताया कि 15 अगस्त को पेट दर्द की शिकायत के चलते मंगल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। भर्ती के समय वह सामान्य अवस्था में था और खुद पैदल चलकर अस्पताल आया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में उसका ठीक से इलाज नहीं किया गया और लापरवाही के कारण रविवार सुबह उसकी मौत हो गई।मृतक की मां बिदोनी हेंब्रम ने रोते हुए कहा
“हमारे बेटे को हल्की तकलीफ थी, इसलिए अस्पताल लाए। डॉक्टरों ने गंभीरता से उसका इलाज नहीं किया। वह चलता-फिरता आया था, लेकिन इलाज की कमी से मेरी आँखों के सामने दम तोड़ दिया। यह सीधी-सीधी लापरवाही है।”
मृतक के अन्य परिजनों ने भी चिकित्सकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुआवजे की मांग की। उनका कहना था कि गरीब परिवार का सहारा छिन गया और अस्पताल प्रशासन को इस लापरवाही की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
घटना के बाद अस्पताल परिसर में भारी तनाव फैल गया। मृतक के परिजन और ग्रामीण अस्पताल परिसर में इकट्ठा होकर नारेबाजी करने लगे। पुलिस ने हालात बिगड़ते देख अतिरिक्त बल बुलाया और किसी तरह भीड़ को शांत कराया।
वहीं, अस्पताल सूत्रों के अनुसार, अभी तक मामले में कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। प्रशासन का कहना है कि यदि परिजन लिखित शिकायत देते हैं तो चिकित्सीय जांच समिति बनाई जाएगी और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य व्यवस्था और इलाज की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में अक्सर गरीब और वंचित तबके के मरीजों को सही देखभाल नहीं मिलती। यदि इस दिशा में सुधार नहीं किया गया तो जनता का भरोसा सरकारी अस्पतालों से उठ जाएगा।
फिलहाल किशोर का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और परिजनों को आश्वासन दिया गया है कि दोषियों पर उचित कार्रवाई की जाएगी। वहीं, परिजन अब भी न्याय और मुआवजे की मांग पर अड़े हुए हैं।
यह घटना न केवल परिजनों के लिए गहरा सदमा है, बल्कि पूरे इलाके के लिए चिंता का विषय बन गई है। लोग अब प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से ठोस कदम उठाने की अपेक्षा कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


















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