
सांकतोड़िया : सीआईएसएफ ने अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ एक और बड़ी सफलता हासिल की। गुप्त सूचना के आधार पर सीआईएसएफ ने मैथन थाना क्षेत्र के टोल प्लाजा के पास से अवैध कोयला लदे एक ट्रक को पकड़ लिया। ट्रक पर लगभग 42 टन कोयला लदा हुआ था। जानकारी के अनुसार यह ट्रक गुप्त रास्ते से होकर गुजर रहा था और इसे झारखंड से पश्चिम बंगाल की ओर लाया जा रहा था। सीआईएसएफ के जवानों ने सतर्कता दिखाते हुए ट्रक को रोक लिया और पूछताछ के बाद अवैध कोयला जब्त कर लिया। इसके बाद पकड़े गए ट्रक को विधिसम्मत कार्रवाई के लिए मैथन ओपी थाना को सौंप दिया गया।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह ट्रक बंगाल होते हुए गुजरात की ओर भेजा जा रहा था। सीआईएसएफ को खुफिया तंत्र से पहले ही सूचना मिल गई थी कि अवैध कोयला लदा एक ट्रक टोल प्लाजा से गुजरेगा। योजना के तहत जवानों ने वहां नाकाबंदी कर दी और जाँच के दौरान ट्रक को पकड़ा गया।

गौरतलब है कि मैथन ओपी क्षेत्र और उसके आसपास के इलाके लंबे समय से अवैध कोयला कारोबार का गढ़ बने हुए हैं। झारखंड से प्रतिदिन कई ट्रक अवैध कोयला अलग-अलग मार्गों से निकालकर पश्चिम बंगाल लाए जाते हैं। यह कोयला औद्योगिक इकाइयों में भारी मांग के चलते ऊँचे दाम पर बेचा जाता है। बताया जाता है कि झारखंड से आने वाले कोयले का बड़ा हिस्सा एनएच-19 होते हुए कुल्टी और बाराबनी थाना क्षेत्र से होकर बंगाल में प्रवेश करता है। कई बार इन रास्तों से गुजरते हुए ट्रकों को पकड़ा भी गया है, लेकिन इसके बावजूद कारोबार पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पाया है।
स्थानीय लोगों और जानकारों का कहना है कि यह कारोबार महज चोर-तस्करों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक संगठित नेटवर्क के तहत चलता है। कई बार यह भी आरोप लगाए जाते हैं कि इसमें सिस्टम से जुड़े कुछ लोग भी शामिल रहते हैं। यही कारण है कि समय-समय पर कार्रवाई होने के बावजूद अवैध कारोबार पर पूरी तरह से रोक नहीं लग पाती। सूत्रों के मुताबिक, जब कोई ट्रक सिस्टम से हटकर अलग रास्ते से जाने की कोशिश करता है तो पकड़ा जाता है।
सीआईएसएफ और ईसीएल की सुरक्षा टीमें लगातार अवैध कोयले के खिलाफ अभियान चला रही हैं। पिछले कुछ महीनों में कई बार बड़े पैमाने पर कोयला लदा ट्रक पकड़ा गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई भविष्य में और भी तेज की जाएगी ताकि इस गैरकानूनी कारोबार की जड़ें काटी जा सकें।
सीआईएसएफ अधिकारियों ने साफ कहा कि अवैध कोयला कारोबार न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाता है बल्कि इससे वैध कारोबार करने वालों को भी परेशानी होती है। इसके अलावा, इस अवैध व्यापार से जुड़ी गतिविधियाँ अक्सर कानून-व्यवस्था की समस्या भी पैदा करती हैं।

पुलिस और खुफिया एजेंसियों का मानना है कि अवैध कोयले की खेप झारखंड से छिपकर बंगाल तक पहुंचाई जाती है और यहाँ से इसे दूसरे राज्यों, खासकर गुजरात जैसे औद्योगिक प्रदेशों तक भेजा जाता है। मांग अधिक होने के कारण तस्करों के लिए यह बेहद मुनाफे का सौदा साबित होता है।
स्थानीय स्तर पर कई बार सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से इस पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक इस नेटवर्क में शामिल बड़े लोगों पर नकेल नहीं कसी जाएगी, तब तक इस अवैध कारोबार को पूरी तरह रोकना मुश्किल होगा।
सीआईएसएफ की यह कार्रवाई एक बार फिर इस बात का संकेत देती है कि सुरक्षा एजेंसियां लगातार सक्रिय हैं और अवैध कारोबार करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। मंगलवार की इस कार्यवाही से कोयला माफियाओं में हड़कंप मच गया है और आने वाले दिनों में और भी सख्त कदम उठाए जाने की संभावना जताई जा रही है।














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