
सीतारामपुर : शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कोलकाता दौरे से पहले, आसनसोल क्षेत्र के सीतारामपुर रेलवे स्टेशन की गंभीर यात्री समस्याओं को उनके संज्ञान में लाने का प्रयास किया गया। आदिकार्ना फाउंडेशन के चेयरपर्सन संतोष कुमार वर्मा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व ट्विटर) पर प्रधानमंत्री को टैग करते हुए यात्रियों की प्रमुख मांगें साझा कीं। उन्होंने स्टेशन के विकास कार्यों की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया और ‘लोकल टू वोकल’ के संदेश को आगे बढ़ाते हुए स्थानीय समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने का प्रयास किया।

श्री वर्मा ने सीतारामपुर स्टेशन पर कई प्रमुख ट्रेनों के ठहराव की मांग उठाई। कॉर्ड लाइन पर जम्मूतवी-कोलकाता एक्सप्रेस (अप-डाउन) और मेन लाइन पर बक्सर-टाटा एक्सप्रेस (अप-डाउन) के ठहराव की आवश्यकता बताई गई। उन्होंने भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि यह स्टेशन अपने नाम से ही पवित्र है, क्योंकि इसमें ‘सीता’ और ‘राम’ का नाम जुड़ा है। यह अयोध्या यात्रा के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव भी बन सकता है।इसके अलावा, उन्होंने मिथिला एक्सप्रेस (डाउन) और काठगोदाम एक्सप्रेस (अप) को भी इस स्टेशन पर रुकवाने की अपील की। उनका कहना है कि बिहार और उत्तर भारत की यात्रा के लिए इस क्षेत्र के यात्रियों के पास कोई सीधी सुविधा नहीं है, और इन ट्रेनों के ठहराव से बड़ी संख्या में लोगों को राहत मिलेगी।

संतोष वर्मा ने अपनी अपील में आगामी शारदीय नवरात्र, दुर्गा पूजा और दीपावली का उल्लेख करते हुए कहा कि त्योहारों के दौरान यात्रियों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। यदि ठहराव की व्यवस्था जल्द हो जाती है, तो लाखों यात्रियों को इसका लाभ मिलेगा। यह पहल केवल एक रेलवे स्टेशन की समस्या नहीं, बल्कि ‘अमृत भारत स्टेशन’ योजना के वास्तविक उद्देश्य को भी रेखांकित करती है। विकास के साथ-साथ यात्रियों की बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति भी उतनी ही आवश्यक है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रधानमंत्री के आगमन से पहले इन मुद्दों पर सकारात्मक पहल होती है, तो यह क्षेत्र ‘विकसित भारत’ के निर्माण में एक सशक्त योगदान देगा। यह भी स्पष्ट हुआ है कि डिजिटल इंडिया के इस दौर में जनभागीदारी और सोशल मीडिया संवाद से स्थानीय समस्याएँ अब सीधे सर्वोच्च नेतृत्व तक पहुँच सकती हैं।














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