
आसनसोल : सोमवार को दक्षिण बंगाल के कई जिलों में बाढ़ का खतरा गहराता दिख रहा है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र और झारखंड में लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश के कारण स्थिति और गंभीर हो गई है। डीवीआरआरसी (दामोदर वैली रिवर रेगुलेटरी कमिटी) ने रविवार सुबह से ही मैथन और पंचेत जलाशयों से पानी छोड़ने की मात्रा बढ़ा दी है। इसके चलते दामोदर नदी से सटे इलाकों में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है।
डीवीआरआरसी के सदस्य सचिव संजीव कुमार द्वारा हस्ताक्षरित संदेश में कहा गया है कि रविवार सुबह 10:45 बजे से मैथन और पंचेत जलाशयों से कुल 55 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसमें से मैथन से 12 हजार और पंचेत से 43 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर निर्णय में बदलाव किया जाएगा।

गौरतलब है कि शनिवार को दोनों जलाशयों से कुल 44 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। उस समय पंचेत से 27 हजार और मैथन से 17 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। लेकिन झारखंड में लगातार तेज बारिश के कारण जलाशयों में पानी का दबाव बढ़ गया है। रविवार को सूत्रों के अनुसार, इस समय मैथन में जलस्तर 477 एकड़ फीट और पंचेत में 410 एकड़ फीट तक पहुंच गया है।
झारखंड में पिछले दिनों कम बारिश के कारण तेनुघाट जलाशय से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा घटा दी गई थी। लेकिन रविवार सुबह से इसे तीन गुना बढ़ाकर 54 हजार क्यूसेक कर दिया गया, जिससे पंचेत जलाशय पर दबाव और अधिक बढ़ गया। इसी वजह से डीवीआरआरसी ने मैथन और पंचेत से अतिरिक्त पानी छोड़ने का निर्णय लिया।

इस बीच, मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि रविवार रात से लेकर सोमवार सुबह तक दक्षिण बंगाल के अधिकांश जिलों में बारिश और तेज होगी। बंगाल की खाड़ी में नया निम्न दबाव बनने के कारण अगले 48 घंटों तक भारी वर्षा की संभावना है।
विशेषज्ञों का कहना है कि एक ओर जलाशयों से छोड़े गए पानी का दबाव और दूसरी ओर लगातार हो रही बारिश मिलकर दक्षिण बंगाल के निचले इलाकों की स्थिति को और बिगाड़ सकते हैं। पहले से ही कई निचले इलाके जलभराव के कारण डूब चुके हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है।
प्रशासन ने बाढ़ संभावित क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया है। राहत एवं बचाव दल को तैनात किया जा रहा है ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग पहले से ही दहशत में हैं क्योंकि दामोदर नदी का जलस्तर तेज़ी से बढ़ रहा है।














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