जामुड़िया : बुधवार को बेलडांगा आदिवासी प्राथमिक विद्यालय में एक चौंकाने वाली घटना घटी, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। जामुड़िया शिक्षा मंडल 2 के अंतर्गत आने वाले इस विद्यालय में दूसरी आवधिक मूल्यांकन परीक्षा चल रही थी। लेकिन परीक्षा के तीसरे दिन सुबह विद्यालय में सड़े हुए मांस की दुर्गंध फैलते ही छात्रों और अभिभावकों में आक्रोश भड़क उठा।स्थानीय सूत्रों के अनुसार, विद्यालय के नवनियुक्त प्रधानाध्यापक रामप्रसाद मुहुरी सुबह लगभग सात बजे स्वयं मांस लेकर आए थे।
आरोप है कि वह मांस पूरी तरह से सड़ा हुआ था और उसे पकाने की तैयारी की जा रही थी। कुछ ही समय में दुर्गंध पूरे परिसर में फैल गई, जिससे बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। लगभग बीस से पच्चीस छात्र उल्टी और चक्कर जैसी परेशानी से ग्रस्त हो गए।

घबराए छात्र स्कूल छोड़कर घर भागे और अभिभावकों को घटना की जानकारी दी।सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में अभिभावक विद्यालय पहुँचे और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। आक्रोशित अभिभावकों ने प्रधानाध्यापक को घेरते हुए तत्काल हटाने की मांग की। अभिभावकों का कहना था कि विद्यालय की छवि लगातार खराब हो रही है और बच्चों की सुरक्षा खतरे में है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।गौरतलब है कि इस विद्यालय के खिलाफ बीते कुछ महीनों में कई गंभीर आरोप लग चुके हैं। कभी विद्यालय परिसर में नशीले पदार्थों के सेवन की शिकायतें आईं तो कभी छात्रों के साथ अशोभनीय व्यवहार का मामला सामने आया। अब सड़े हुए मांस का प्रकरण जुड़ जाने से अभिभावकों का गुस्सा और भड़क उठा है।घटना की सूचना पाकर जामुड़िया थाने के केंदा चौकी की पुलिस मौके पर पहुँची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। वहीं, जामुड़िया पंचायत समिति के शिक्षा अधिकारी जगन्नाथ गोप और आत्मा समिति के अध्यक्ष दिनेश चक्रवर्ती भी विद्यालय पहुँचे। उन्होंने आक्रोशित अभिभावकों को शांत करने की कोशिश की और आश्वासन दिया कि मामले की विस्तृत जाँच होगी तथा दोषी पाए जाने पर प्रधानाध्यापक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब प्रधानाध्यापक विद्यालय छोड़कर जाने का प्रयास कर रहे थे तो अभिभावकों और छात्रों ने उनकी गाड़ी को रोक लिया और नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति देर तक तनावपूर्ण बनी रही।अभिभावकों का कहना था कि शिक्षा के मंदिर में इस तरह की घटनाएँ बेहद शर्मनाक हैं। उन्होंने मांग की कि संबंधित प्रधानाध्यापक को तत्काल विद्यालय से हटाया जाए, ताकि बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य सुरक्षित रह सके।

















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