
दुर्गापुर : सोमवार को दुर्गापुर सरकारी कॉलेज के मुख्य द्वार पर छात्रों का एक समूह तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसीपी) बैनर तले एकत्रित होकर जोरदार विरोध प्रदर्शन करता नजर आया। छात्रों ने कॉलेज प्रिंसिपल के तबादले पर कड़ा आक्रोश जताया और इसे राजनीति से प्रेरित निर्णय बताया।
छात्रों का आरोप है कि कॉलेज के कुछ प्रोफेसरों की मिलीभगत से प्रिंसिपल को जबरन हटाया गया है। कारण यह बताया गया कि प्रिंसिपल ने उन प्रोफेसरों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया था, जो नियमित कक्षाओं में उपस्थित नहीं रहते थे। छात्रों का कहना है कि कॉलेज में लंबे समय से कक्षाएं प्रभावित हो रही थीं। कई बार उन्होंने इस पर आपत्ति जताई, मगर समस्या जस की तस बनी रही। ऐसे में प्रिंसिपल ने छात्रों का पक्ष लिया और शिक्षकों को जिम्मेदारी निभाने के लिए मजबूर किया।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कहा कि प्रिंसिपल छात्र हितैषी और कॉलेज विकास के लिए निरंतर प्रयासरत थे। लेकिन, कुछ शिक्षकों ने राजनीतिक दबाव का इस्तेमाल कर उन्हें उनके पद से हटा दिया। छात्रों का दावा है कि यह तबादला शिक्षा व्यवस्था के साथ अन्याय है और इससे छात्रों का भविष्य प्रभावित होगा।
टीएमसीपी के सदस्यों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक तबादला आदेश वापस नहीं लिया जाता, उनका विरोध जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। छात्रों ने कॉलेज प्रशासन और उच्च शिक्षा विभाग से तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कॉलेज गेट पर नारेबाजी की और बैनर-पोस्टर लेकर विरोध जताया। कई छात्र-छात्राओं का कहना था कि प्रिंसिपल की सख्ती से ही कॉलेज की पढ़ाई व्यवस्थित हो रही थी और उनकी अनुपस्थिति से अनुशासन भंग हो जाएगा।
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि कॉलेज प्रबंधन इस पूरे मामले को शांतिपूर्ण ढंग से निपटाने की कोशिश कर रहा है। वहीं, छात्रों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए पुलिस भी सतर्क रही और कॉलेज परिसर के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई। छात्रों का मानना है कि प्रिंसिपल का तबादला केवल राजनीतिक कारणों से किया गया है, न कि शैक्षिक जरूरतों के चलते। अब सबकी निगाहें उच्च शिक्षा विभाग पर टिकी हैं कि वह छात्रों की मांग पर क्या निर्णय लेता है।














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