आसनसोल : सोमवार को आसनसोल पुलिस ने रहमानपाड़ा गोलीकांड का पर्दाफाश कर बड़ा खुलासा किया। कुल्टी थाना क्षेत्र अंतर्गत नगर निगम कर्मचारी जावेद बारिक की हत्या ने पूरे इलाके को दहला दिया था। वारदात के बाद से क्षेत्र में भारी दहशत का माहौल था। ताजा कार्रवाई में पुलिस ने आसनसोल उत्तर थाना क्षेत्र से चार पेशेवर शूटरों को गिरफ्तार कर लिया है। यही शूटर वारदात की रात मौके पर मौजूद थे और इन्होंने ही जावेद बारिक पर गोलियां बरसाकर मौत के घाट उतार दिया था।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि इन शूटरों की गिरफ्तारी मामले में निर्णायक मानी जा रही है। इससे पहले भी कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया था, लेकिन असली अपराधियों को पकड़ने में पुलिस को अब सफलता मिली है। गिरफ्तार आरोपियों को सोमवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आसनसोल अदालत में पेश किया जाएगा। पूछताछ के दौरान नए-नए नामों के सामने आने की संभावना है, जिससे पूरे षड्यंत्र का चेहरा उजागर हो सकता है।
मालूम हो कि जावेद बारिक नगर निगम के सक्रिय कर्मचारी थे और हाल के दिनों में वे एक जमीन विवाद को सुलझाने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यही विवाद उनकी मौत की असली वजह बनी। आरोप है कि विवादित जमीन को हथियाने के लिए उन्हें रास्ते से हटाने की सुपारी दी गई थी। इस पहलू को ध्यान में रखकर पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है।
हत्या के बाद से रहमानपाड़ा और आसपास के इलाकों में लोग दहशत में जी रहे थे। शाम ढलते ही लोग घरों से बाहर निकलने में डर महसूस करने लगे थे। इलाके में पुलिस की लगातार मौजूदगी और गश्त के बावजूद स्थानीय लोग भय से मुक्त नहीं हो पा रहे थे। हालांकि पुलिस की इस सख्त कार्रवाई के बाद आम जनता ने थोड़ी राहत की सांस ली है।
आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट ने इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी है। रात में विशेष गश्त बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होंगी और पूरा आपराधिक नेटवर्क सामने आ जाएगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जावेद बारिक की हत्या ने उन्हें अंदर तक हिला दिया है। वे समाजसेवा के कामों में भी सक्रिय रहते थे और कई बार स्थानीय विवादों को सुलझाने में अहम भूमिका निभाते थे। लेकिन जमीन विवाद का ऐसा घातक परिणाम सामने आएगा, इसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी।
पुलिस अधिकारियों का दावा है कि यह मामला जितना सरल दिख रहा है, उतना है नहीं। इसके पीछे एक गहरी आपराधिक साजिश रची गई है, जिसमें कई बड़े नाम भी जुड़े हो सकते हैं। अब पुलिस का पूरा जोर इस बात पर है कि सुपारी देने वालों तक पहुंचा जाए और उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाए।
सोमवार को गिरफ्तारियों की खबर फैलते ही रहमानपाड़ा और आसनसोल शहर के अन्य हिस्सों में चर्चा तेज हो गई। लोग एक-दूसरे से यही सवाल करते नजर आए कि आखिर कब तक अपराधी खुलेआम खून-खराबा करते रहेंगे। वहीं, पुलिस प्रशासन का कहना है कि इस बार किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही पूरे षड्यंत्र की परतें खुलकर सामने आ जाएंगी।

















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