
बर्नपुर : पश्चिम बर्दवान ज़िले के बर्नपुर स्थित सेल आईएसपी कारखाने में मंगलवार को राजनीतिक माहौल गर्माने वाला कार्यक्रम होने जा रहा है। विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी यहां न केवल ज्ञापन सौंपेंगे, बल्कि केंद्र सरकार द्वारा आवंटित करोड़ों रुपये की सहायता राशि का ब्योरा भी मांगेंगे। उनके इस कदम को भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव का नया अध्याय माना जा रहा है।
शुभेंदु अधिकारी इससे पहले बर्नपुर के त्रिवेणी मोड़ पर एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। भाजपा कार्यकर्ताओं का दावा है कि इस जनसभा में हजारों की संख्या में लोग शामिल होंगे और विपक्ष के नेता केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर खुलकर अपनी बात रखेंगे। उनका कहना है कि शुभेंदु अधिकारी उद्योग से जुड़े मुद्दों पर जोर देंगे और रोजगार के अवसरों को लेकर सरकार की जवाबदेही तय करेंगे।

भाजपा के पश्चिम बर्दवान ज़िला अध्यक्ष देव तनु भट्टाचार्य ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि केंद्र सरकार ने सेल बर्नपुर आईएसपी के विकास के लिए भारी-भरकम फंड जारी किया है। इस फंड का उद्देश्य स्थानीय युवाओं को रोजगार दिलाना और औद्योगिक ढांचे को मज़बूत करना है। लेकिन, राज्य सरकार हमेशा केंद्र पर दोष मढ़ती है जबकि सच्चाई यह है कि विकास का बड़ा हिस्सा केंद्र की पहल से हो रहा है।
भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि सेल आईएसपी के कुछ अधिकारी सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस नेताओं के दबाव में काम कर रहे हैं। ऐसे में यह बेहद ज़रूरी है कि यह देखा जाए कि केंद्र से मिले पैसों का सही उपयोग हो रहा है या नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा जनता के सामने पूरा ब्योरा लाना चाहती है ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शुभेंदु अधिकारी का यह दौरा केवल औद्योगिक विकास का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह बंगाल की राजनीति में नए सियासी समीकरण गढ़ने की शुरुआत भी हो सकता है। औद्योगिक क्षेत्र बर्नपुर लंबे समय से रोजगार और बुनियादी ढांचे की कमी से जूझ रहा है। ऐसे में विपक्ष का यह कदम स्थानीय जनता को सीधे प्रभावित कर सकता है और आगामी चुनावी माहौल को भी गर्मा सकता है।

जनसभा से पहले ही भाजपा कार्यकर्ता पूरे इलाके में सक्रिय हो गए हैं। बैनर, पोस्टर और प्रचार सामग्री के ज़रिए लोगों को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बुलाया जा रहा है। वहीं, तृणमूल कांग्रेस इस पूरे कार्यक्रम को भाजपा की सस्ती राजनीति करार दे रही है।
मंगलवार को होने वाला शुभेंदु अधिकारी का यह दौरा केवल ज्ञापन या सभा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह बर्नपुर सहित पूरे पश्चिम बर्दवान जिले में राजनीतिक हलचल को और बढ़ा देगा। विशेषज्ञों का कहना है कि औद्योगिक विकास और फंड उपयोग का मुद्दा अब सीधे आम जनता के बीच चर्चा का केंद्र बन चुका है।














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