
अंडाल : गुरुवार को साइबर क्राइम विभाग ने सोशल मीडिया विज्ञापन के बहाने लोगों को ठगने वाले बड़े साइबर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए आठ अपराधियों को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई साउथ बाजार असगर पली क्षेत्र में गुप्त सूचना के आधार पर की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस गिरोह के मास्टरमाइंड की अब भी तलाश जारी है।
साइबर क्राइम विभाग के वरिष्ठ अधिकारी विश्वजीत मुखर्जी ने बताया – “हमें शिकायत मिली थी कि अंडाल क्षेत्र में एक गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर झांसा देकर लोगों को अपने जाल में फंसा कर ठगी कर रहा है। इसके बाद हमारी टीम ने गहन जांच के तहत विशेष अभियान चलाकर गिरोह के आठ सदस्यों को दबोच लिया।”

पकड़े गए आरोपियों के पास से भारी मात्रा में मोबाइल फोन, लैपटॉप, डेबिट-क्रेडिट कार्ड, फर्जी आईडी तथा कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद किए गए। शुरुआती जांच में पता चला कि यह गिरोह पिछले कई महीनों से सक्रिय था और देशभर के विभिन्न राज्यों के नागरिकों को निशाना बनाकर लाखों रुपये की ठगी कर चुका है।
गिरोह का तरीका बेहद चालाक था। फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल प्लेटफॉर्म पर “विज्ञापन पेड सर्विस” या “स्पॉन्सर्ड पोस्ट” देने का झांसा देकर यूजर्स से पैसे ट्रांसफर करवाए जाते थे। लेकिन भुगतान करने के बाद विज्ञापन नहीं दिए जाते थे।

पुलिस सूत्रों के अनुसार पकड़े गए आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है। उम्मीद जताई जा रही है कि शीघ्र ही इस गिरोह के मास्टरमाइंड तक पहुंचा जाएगा। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध सोशल मीडिया लिंक या अनजान विज्ञापन एजेंसी से पैसे ट्रांसफर न करें।
साइबर क्राइम एक्सपर्ट्स का कहना है कि डिजिटल जागरूकता की कमी का यह गिरोह भरपूर फायदा उठा रहा था। इसलिए सतर्कता बहुत आवश्यक है। पुलिस ने भी सलाह दी है कि ऐसे किसी संदिग्ध विज्ञापन या ऑफर के मामले में तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या नजदीकी थाने में संपर्क करें।














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