
रानीगंज : भक्ति, साहस और आस्था के अनुपम संगम का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं बिहार के बांका जिले के बामदेव गांव निवासी 28 वर्षीय योगेश शर्मा। शुक्रवार को उन्होंने देश के 12 ज्योतिर्लिंग और चार धाम की पदयात्रा में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव पार किया। इस आध्यात्मिक यात्रा की शुरुआत उन्होंने 30 अगस्त 2025 को अपने पैतृक गांव से की थी, जिसका उद्देश्य एक मन्नत पूरा करना है।
योगेश शर्मा का पहला धार्मिक स्थल बैजनाथ धाम रहा, जहाँ उन्होंने बाबा भोलेनाथ के दर्शन कर इस पवित्र यात्रा की शुरुआत की। इसके बाद बुधवार की रात रानीगंज पहुंचकर हटिया तालाब स्थित देवी मंदिर में विश्राम किया। शुक्रवार सुबह योगेश ने नीलकंठ महादेव मंदिर, एनएसबी रोड स्थित में जाकर विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की और मंदिर के पुजारी अलोक देव पांडेय से आशीर्वाद प्राप्त किया।

पुजारी अलोक देव पांडेय ने कहा, “यह हमारे समाज के लिए गर्व की बात है कि आज भी युवा पीढ़ी अपने संस्कार और आस्था से जुड़े हुए हैं। योगेश जैसे युवक समाज में सकारात्मक संदेश फैलाते हैं। हम सब उनकी सुरक्षित यात्रा की प्रार्थना करते हैं।”
योगेश शर्मा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, “यह यात्रा मेरी आत्मा की पुकार है। मैं पूरी निष्ठा से भगवान शिव और अन्य पवित्र धामों का दर्शन कर देशवासियों के लिए एक संदेश देना चाहता हूँ। अब तक यात्रा में कोई कठिनाई नहीं आई है। मैं विश्वास के साथ यह संकल्प पूरा करूंगा।”
स्थानीय श्रद्धालुओं ने भी योगेश की इस साहसी और धार्मिक पहल को बेहद सराहा। उन्होंने कहा कि आज के युवा ऐसे प्रेरक कार्य कर समाज में विश्वास और संस्कारों की नई रोशनी जला रहे हैं।

योगेश शर्मा आगे ओडिशा के जगन्नाथ पुरी धाम की ओर प्रस्थान कर चुके हैं। उनका यह संकल्प स्थानीय जनमानस के लिए प्रेरणा स्रोत बन चुका है। इससे पहले भी उन्होंने अपने गांव में कई सामाजिक कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को धर्म व संस्कारों से जुड़ने की प्रेरणा दी है।
इस अनूठी यात्रा से न केवल उनकी आस्था का परिचय मिलता है, बल्कि समाज को यह संदेश भी जाता है कि कठिन परिश्रम, धैर्य और संकल्प से हर मंजिल हासिल की जा सकती है।
आस्था, सेवा और संकल्प की यह यात्रा देशभर में युवाओं को नए सिरे से सोचने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने की प्रेरणा देती है।














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