
आसनसोल : भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से टिकट बुकिंग प्रक्रिया में बड़ा बदलाव लागू करने की घोषणा की है। यह नई व्यवस्था आगामी 1 अक्टूबर से प्रभावी होगी। रेलवे अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि नए नियमों के अनुसार, आरक्षण विंडो खुलने के शुरुआती 15 मिनट तक केवल वे यात्री ऑनलाइन टिकट बुक कर सकेंगे जिनका आईआरसीटीसी खाता आधार से जुड़ा हुआ है।
आधार लिंक यूजर्स को मिलेगा लाभ
नई प्रणाली के तहत सामान्य टिकट बुकिंग में यह नियम लागू रहेगा। यानी, जैसे ही आरक्षण खुलता है, शुरुआती 15 मिनट तक केवल आधार सत्यापित उपयोगकर्ता ही स्लीपर और एसी दोनों श्रेणियों के टिकट बुक कर पाएंगे। अन्य यात्री इस अवधि के बाद ही टिकट बुकिंग कर सकेंगे। रेलवे का मानना है कि इससे टिकट खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और फर्जी खातों या अवैध तरीकों से टिकट बुक करने वालों पर रोक लगेगी।

तत्काल टिकट पर पहले ही लागू था प्रावधान
गौरतलब है कि इससे पूर्व रेलवे ने 1 जुलाई से तत्काल टिकट बुकिंग के लिए आधार लिंकिंग अनिवार्य कर दी थी। तत्काल टिकट बुक करते समय यात्री को मोबाइल पर भेजे गए ओटीपी का सत्यापन करना पड़ता है। वहीं, अधिकृत एजेंटों पर पहले से ही यह पाबंदी है कि वे बुकिंग खुलने के शुरुआती 30 मिनट में तत्काल टिकट जारी नहीं कर सकते।
यात्रियों को होगा सीधा फायदा
त्योहारी सीजन और शादियों के समय सामान्य टिकट बुक करना अक्सर मुश्किल हो जाता है। भारी भीड़ के कारण चंद मिनटों में टिकट खत्म हो जाते हैं। नए नियम से आधार लिंक उपयोगकर्ताओं को शुरुआती 15 मिनट का विशेष अवसर मिलेगा। इससे असली यात्रियों को टिकट मिलना आसान होगा और फर्जीवाड़ा रुक सकेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम से आम यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा, क्योंकि बिचौलियों और सॉफ़्टवेयर के जरिए धांधली पर रोक लगेगी।
काउंटर टिकट की प्रक्रिया यथावत
रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि काउंटर से टिकट बुक कराने वाले यात्रियों पर इस बदलाव का कोई असर नहीं पड़ेगा। यानी स्टेशन पर स्थित आरक्षण केंद्र से टिकट पहले की तरह ही उपलब्ध रहेंगे। यह व्यवस्था केवल ऑनलाइन माध्यम—आईआरसीटीसी वेबसाइट और मोबाइल ऐप—से टिकट बुक करने वालों के लिए लागू होगी।

एजेंटों पर पाबंदी बरकरार
रेलवे ने अधिकृत एजेंटों को लेकर भी सख्त रुख बनाए रखा है। नए नियमों के तहत भी एजेंट आरक्षण खुलने के शुरुआती दस मिनट में टिकट बुक नहीं कर सकेंगे। इस संबंध में रेलवे सूचना प्रणाली केंद्र (सीआरआईएस) और आईआरसीटीसी द्वारा तकनीकी सुधार किए जा रहे हैं, ताकि नई व्यवस्था सुचारू रूप से लागू की जा सके। रेलवे सूत्रों के अनुसार, इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य टिकट बुकिंग प्रणाली को और अधिक पारदर्शी और जनसुलभ बनाना है। सरकार चाहती है कि आम यात्रियों को प्राथमिकता दी जाए और दलालों या एजेंटों की मनमानी पर लगाम कसी जाए। उम्मीद जताई जा रही है कि नई व्यवस्था से भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी और यात्रियों का विश्वास रेलवे टिकटिंग प्रणाली पर और मजबूत होगा। आम जनता ने इस कदम का स्वागत किया है और माना है कि इससे त्योहारों तथा भीड़भाड़ के मौसम में टिकट मिलना आसान होगा। अब नजरें 1 अक्टूबर पर टिकी हैं, जब नई व्यवस्था लागू होगी और यात्री इसके लाभ प्रत्यक्ष अनुभव करेंगे।














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