
जामुड़िया : केंदा फाड़ी अंतर्गत तापसी ग्राम में अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ सुरक्षा बलों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में कोयला जब्त किया। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) और ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) के कुनूसतोड़िया क्षेत्र के सुरक्षा गार्डों ने इस संयुक्त अभियान को अंजाम दिया। कार्रवाई की भनक मिलते ही अवैध कारोबारियों में भगदड़ मच गई और पूरा इलाका पुलिस व सुरक्षा बलों की गतिविधियों से सरगर्म रहा।

गुप्त सूचना से मिली सफलता
सूत्रों के अनुसार, CISF को गुप्त सूचना मिली थी कि रात के अंधेरे में ट्रैक्टरों से अवैध कोयला लाकर तापसी ग्राम में जमा किया जा रहा है। सूचना मिलते ही सुरक्षा बलों ने तत्काल गश्ती बढ़ाई और मौके पर छापा मार दिया। अभियान में बड़ी मात्रा में कोयला जब्त हुआ, जिसे स्थानीय तस्कर खुलेआम बेचने की तैयारी में थे।

अवैध कारोबार से सरकारी राजस्व पर चोट
स्थानीय निवासियों का कहना है कि जामुड़िया और उसके आसपास के क्षेत्र लंबे समय से अवैध कोयला तस्करी के गढ़ बन चुके हैं। तस्करों का यह कारोबार न केवल सरकारी राजस्व को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुँचा रहा है, बल्कि वैध कारोबार करने वालों को भी प्रभावित कर रहा है। आम लोगों का आरोप है कि लंबे समय से इस कारोबार को नजरअंदाज किया जा रहा था, लेकिन अब CISF और ECL के सख़्त रवैये ने तस्करों की कमर तोड़ने का काम किया है।विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध खनन और खुलेआम भंडारण से पर्यावरण पर भी गहरा असर पड़ता है। धरती की सतह कमजोर हो जाती है, धूल और प्रदूषण से स्थानीय लोगों की सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ता है। यही वजह है कि लोग लंबे समय से प्रशासन से इस गोरखधंधे पर रोक लगाने की माँग कर रहे थे।जब्त किया गया कोयला ट्रैक्टरों में लादकर अलग-अलग स्थानों से लाया गया था और इसे तापसी ग्राम में इकट्ठा किया गया था। CISF और ECL की गश्ती टीम ने जैसे ही कोयला कब्जे में लिया, इलाके में हड़कंप मच गया। सुरक्षा बलों का कहना है कि तस्करों की पहचान की जा रही है और इस नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने के लिए आगे भी अभियान जारी रहेगा।दिलचस्प बात यह है कि इस बड़े अभियान की जानकारी जामुड़िया थाना प्रभारी तक को नहीं थी। जब उनसे इस विषय में पूछा गया तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि उन्हें किसी भी कार्रवाई की सूचना नहीं दी गई। इससे प्रशासनिक तालमेल पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में कोयला जब्त होना यह साबित करता है कि नेटवर्क बहुत गहरा है और इसकी पहुँच सत्ता तक है।

इलाके के आम लोग CISF और ECL की कार्रवाई से संतुष्ट दिखे। उनका कहना है कि अगर इसी तरह नियमित रूप से छापेमारी होती रही, तो निश्चित तौर पर अवैध कोयला कारोबार की जड़ें हिल जाएँगी। लोगों ने यह भी कहा कि इस गोरखधंधे से न केवल सरकारी नुकसान हो रहा था, बल्कि क्षेत्र की कानून-व्यवस्था भी बिगड़ रही थी।
स्थानीय सूत्रों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले समय में राजनीतिक तूल पकड़ सकता है। विपक्ष और सत्ताधारी दल एक-दूसरे पर मिलीभगत के आरोप लगा सकते हैं। फिलहाल, सुरक्षा बलों की कार्रवाई ने तस्करों को एक कड़ा संदेश दे दिया है कि अब कोई ढील नहीं दी जाएगी।














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