
दुर्गापुर : शहर के मायाबाज़ार स्थित दुर्गापुर स्टील प्लांट (डीएसपी) के शाखा विक्रय कार्यालय प्रांगण में गुरुवार की प्रातःकाल घटी एक हृदयविदारक दुर्घटना ने संपूर्ण श्रमिक जगत को झकझोर दिया। स्टॉक यार्ड में कार्यरत अस्थायी श्रमिक आकाश मंडल (36) की जीवनलीला उस समय समाप्त हो गई जब एक भारी क्रेन से तारों का विशाल बंडल वैगन पर उतारते समय अचानक यांत्रिक अवरोध उत्पन्न हुआ और श्रमिक तार तथा वैगन के बीच दब गया।
घटना घटित होते ही स्थल पर अफ़रा-तफ़री का वातावरण बन गया। सहकर्मी श्रमिकों ने तत्काल गंभीर रूप से घायल आकाश को समीपवर्ती गांधी मोड़ स्थित निजी चिकित्सालय में पहुँचाया, किन्तु चिकित्सकों ने परीक्षण उपरांत उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके उपरांत स्थानीय पुलिस ने शव को अपने अधीन लेकर विधिवत् पंचनामा तैयार किया तथा पोस्टमार्टम हेतु दुर्गापुर उपजिला चिकित्सालय रवाना कर दिया।

दुर्घटना की सूचना मिलते ही श्रमिक वर्ग में तीव्र आक्रोश फैल गया। श्रमिक संगठन इंटक के जिला अध्यक्ष सुभाष साहा ने स्पष्ट कहा कि मृतक के परिजनों को उचित आर्थिक मुआवजा तथा आश्रित को स्थायी नियुक्ति प्रदान करनी होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रबंधन ने उदासीनता दिखाई तो आंदोलनात्मक कदम उठाए जाएँगे। आकाश मंडल दुर्गापुर केमिकल्स मुख्यालय क्षेत्र के निवासी थे और अपने पीछे पत्नी तथा 10 वर्षीय पुत्र को छोड़ गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, डीएसपी के स्टॉक यार्ड परिसर में लम्बे समय से सुरक्षा मानकों की उपेक्षा की जा रही है। पुरानी क्रेन मशीनों के माध्यम से कार्य संपादन के कारण दुर्घटनाओं की संभावना निरंतर बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे पूर्व भी इस प्रकार की घटनाएँ घटित हो चुकी हैं किन्तु प्रबंधन की ओर से स्थायी सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए।
श्रमिक संगठनों और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने मृतक के परिवार को पचास लाख रुपये की क्षतिपूर्ति राशि तथा परिजन को स्थायी नौकरी देने की मांग की है। उनका कहना है कि एक कमाऊ सदस्य की असामयिक मृत्यु से परिवार पर आर्थिक संकट का पहाड़ टूट पड़ा है। इस परिस्थिति में प्रबंधन की नैतिक ज़िम्मेदारी बनती है कि वे प्रभावित परिवार के जीवन-यापन की समुचित व्यवस्था करें।
इधर, प्रबंधन की ओर से जारी संक्षिप्त वक्तव्य में कहा गया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए उच्चस्तरीय जांच समिति गठित कर दी गई है। समिति दोषियों की पहचान कर शीघ्र प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगी और दोषसिद्ध पाए जाने वालों पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटनाओं से बचने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा मानक लागू करने की बात भी कही गई है।

स्थानीय श्रमिक समुदाय ने सामूहिक स्वर में यह प्रश्न उठाया है कि जब तक सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता नहीं दी जाएगी, तब तक इस प्रकार की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकना संभव नहीं है।
दुर्गापुर इस्पात संयंत्र की यह घटना केवल एक श्रमिक की मृत्यु नहीं, बल्कि सम्पूर्ण औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिन्ह है। श्रमिकों का स्पष्ट कहना है कि यदि अब भी ठोस सुधारात्मक कदम न उठाए गए तो वे आंदोलन को व्यापक स्वरूप देंगे।














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