
दुर्गापुर : बंगाल की सांस्कृतिक धरती ने शुक्रवार को एक विशेष क्षण देखा, जब हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री जयाप्रदा ने पनगढ़ के हाटतला क्षेत्र में आयोजित आंतरिक महिला पूजा समिति के 12वें वर्षगांठ समारोह की शोभा बढ़ाई। उनके आगमन से न केवल कार्यक्रम की गरिमा बढ़ी, बल्कि पूरे इलाके में उत्सव और उल्लास का वातावरण बन गया।
जयाप्रदा ने फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलित कर इस वार्षिक आयोजन का शुभारंभ किया। मंच पर आते ही उन्होंने अपने परिचित मुस्कान और आत्मीय अंदाज़ से दर्शकों का मन मोह लिया। समारोह में जिला सभाधिपति विश्वनाथ बावड़ी, जिला परिषद कर्माध्यक्ष विष्णु देव नोनिया, समिति के पदाधिकारी सचिन बैसाखी बनर्जी और पल्लव बनर्जी के अलावा गलसी के विधायक नेपाल घरुई भी उपस्थित थे।

जयाप्रदा का आकर्षक अंदाज़
उद्घाटन के बाद जब जयाप्रदा ने मंच पर कदम रखा तो दर्शकों में उत्साह और भी बढ़ गया। उन्होंने नए हिंदी गीत पर अपनी अदाओं से ऐसा समां बांधा कि पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा। महिलाओं और युवतियों ने उनके साथ नृत्य में संगत कर कार्यक्रम को और रंगीन बना दिया।
बंगाल से आत्मीय जुड़ाव
सभा को संबोधित करते हुए जयाप्रदा ने कहा— “बंगाल से मेरा रिश्ता बहुत गहरा है। यहां आकर मुझे हमेशा घर जैसा स्नेह और सम्मान मिलता है। यहां की संस्कृति, लोक परंपरा और नारी शक्ति को मैं बार-बार प्रणाम करती हूं।”
उन्होंने अपने फ़िल्मी जीवन का ज़िक्र करते हुए बताया कि अब तक वे लगभग 290 हिंदी फिल्मों के साथ-साथ कई अन्य भाषाओं की फिल्मों में भी अभिनय कर चुकी हैं।

सम्मान और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ
आयोजन समिति ने पारंपरिक परिधान, उपहार और शॉल भेंट कर उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर स्थानीय महिला कलाकारों ने लोकगीत, नृत्य और नाट्य प्रस्तुति देकर समां बांध दिया। मंच पर महिला सशक्तिकरण और समाज में उनके योगदान पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि समाज की प्रगति में महिलाओं की भूमिका सदैव अहम रही है।
आयोजन बना यादगार
स्थानीय लोगों का कहना था कि पूजा समिति का यह वर्षगांठ कार्यक्रम इस बार खास हो गया क्योंकि इसमें बॉलीवुड की मशहूर अदाकारा खुद उपस्थित रहीं। उनकी उपस्थिति से आयोजन में चार चांद लग गए। ग्रामीण और शहरी क्षेत्र से आए लोगों ने इसे जीवन भर का यादगार अवसर बताया।














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